वेनेजुएला पर हमले से बाकी देशों में गु्स्सा… Trump की ढाई चाल से रूस-चीन हुए ‘लाल’. इसे बताया ‘तानाशाही‘ फैसला… कहा, “मादुरो को वापस करो वर्ना…”
New Delhi: सुपरपॉवर अमेरिकी सेना की तरफ से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार करने से पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई है… रूस और चीन ने अमेरिका के इस एक्शन की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है. जबकि अर्जेंटीना, इक्वाडोर और एलन मस्क ने अमेरिकी हमले का समर्थन किया है.
World War-3 की हलचल तेज़

दरअसल Venezuela के खिलाफ ट्रंप की कार्रवाई से पूरी दुनिया में World War-3 की हलचल तेज़ हो गई है… अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolas Maduro और उनकी पत्नी Cilia Flores को गिरफ्तार कर लिया है. अब इस घटना पर दुनिया भर के तमाम बड़े देशों की प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं. भले ही Donald Trump अपने इस फैसले को अपनी बड़ी उपलब्धि मान कर इतरा रहे हों लेकिन सच तो ये है कि उनके इस फैसले की दुनियाभर में आलोचना हो रही है. मादुरो और उनकी पत्नी को काराकास से बंदी बनाकर New York लाना आने वाले समय में उनकी सबसे बड़ी गलती बन सकती है. रूस-चीन जैसे देशों ने US की इस हरकत की कड़े शब्दों में निंदा की है तो वहीं कुछ देशों ने Trump के फैसले को सही ठहराया है.
किसने किया ट्रंप का समर्थन?
Argentina और इक्वाडोर ने Trump का समर्थन किया है.
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति Javier Milei ने कहा, “आजादी जिंदाबाद”.
Ecuador ने कहा, “नार्को विस्टा अपराधियों का साम्राज्य ढहने वाला है”.
Elon Musk ने भी समर्थन किया और कहा “बधाई हो, राष्ट्रपति ट्रंप“.
रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा
अमेरिका को अपने फैसले पर फिर से सोचना चाहिए.
दोनों देशों के बीच विवादों का हल बातचीत से निकल सकता है.
रूस ने मादुरो और उनकी पत्नी को रिहा करने की अपील की.
चीन ने बताया ‘तानाशाही’ कदम
चीन ने अमेरिका के इस कदम को तानाशाही करार दिया है.
अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन किया.
वेनेजुएला एक संप्रभु देश है, जिसके राष्ट्रपति को खुलेआम बंदी बनाया गया.
वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका का ये कदम पूरी तरह से गलत है.
इटली की पीएम मेलोनी ने कहा…

वेनेजुएला में जो भी हुआ उसपर मैंने बारीकी से नजर रखी है.
इटली ने कभी मादुरो की चुनावी जीत को मान्यता नहीं दी.
हमने निकोलस मादुरो के बुरे कामों की हमेशा निंदा की है.
मगर, इसे खत्म करने के लिए सैन्य कार्रवाई करना सही नहीं
Venezuela ड्रग्स तस्करी को लगातार बढ़ावा दे रहा था
अपनी सुरक्षा हर देश के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.
ब्रिटेन ने झाड़ा पल्ला…
Britain के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने जारी किया बयान.
अमेरिका के इस कदम में ब्रिटेन का कोई हाथ नहीं है.
अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन होना ही चाहिए.
हम निकोलस मादुरो को अवैध राष्ट्रपति मानते रहे हैं.
इसलिए वेनेजुएला में शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण होना चाहिए.
यूरोपियन यूनियन ने की अपील…
अमेरिका और वेनेजुएला से संयम बरतने की अपील की है.
दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए.
साथ ही संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का सम्मान करना चाहिए.
ट्रंप ने अपने वादों से मारी पलटी

ये तो हम सब जानते हैं कि Donald Trump लगभग एक साल पहले पद संभालते समय ख़ुद को शांति दूत बताया था… अपने मुंह से नोबल की मांग करते हुए खुद को शांति स्थापित करने वाला नेता बताया था… लेकिन एक ही साल में अपने तमाम वादों से पलटी मारते हुए ट्रंप ने दिखाया है कि वह दुनियाभर में सैन्य ताक़त इस्तेमाल करने को तैयार हैं. अब उनके इस फैसले से दुनिया पर क्या असर पड़ेगा ये तो जल्द पता चल ही जाएगा… लेकिन जिस तरह से तमाम देशों के राष्ट्राध्यक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं उससे एक बार फिर से दुनियाभर पर World War-3 के संकट के बादल ज़रूर मंडराते नजर आ रहे हैं.
