Sambhal Festival alert: कांवड़-मुहर्रम पर प्रशासन का सख्त पहरा
संभल में मुहर्रम-कांवड़ को लेकर Peace Committee अलर्ट
Sambhal Festival alert-संभल में बहजोई कलक्ट्रेट सभागार की कुर्सियां भरी थीं, लेकिन चेहरे तनाव में। वजह? आने वाला सावन और मुहर्रम—दोनों साथ-साथ, और दोनों के साथ भारी-भरकम इंतजामों की ज़िम्मेदारी।
जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने जब पीस कमेटी की बैठक में बोलना शुरू किया, तो हर वाक्य में आदेश नहीं, चेतावनी झलक रही थी। यही था Sambhal Festival alert का असली मतलब—“भाईचारा बना रहे, लेकिन लापरवाही की कोई छूट नहीं।”
बैठक का मसाला: नियमों की बौछार

अपर जिलाधिकारी प्रदीप वर्मा ने साफ कर दिया— ताजिया और डीजे की ऊंचाई 12 फीट से ज्यादा नहीं, वरना पुलिस का “स्वागत समारोह” तैयार है! बिजली के तार नीचे न लटकें, पानी की सप्लाई चकाचक हो, और साफ-सफाई ऐसी कि चमक दिखे—लेकिन जनता सोच रही है—जब डीजे की धुन पर कांवड़िए थिरक रहे होंगे, और ताजिया की शान सड़कों पर होगी, तो क्या प्रशासन की ये चमक बरकरार रहेगी?
SP का शो: ड्रोन, नोडल, और डीजे पर नकेल
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने तो मानो सारी सख्ती का ठेका ले लिया। हर ताजिया के लिए नोडल अफसर, ड्रोन से निगरानी, और SP कैंप से लाइव मॉनिटरिंग! डीजे की आवाज़ शासन के मानकों में रहे, ताकि कानों को सजा न मिले। कांवड़ यात्रा के लिए रूट डायवर्जन, होल्डिंग एरिया, और शिविरों में सीसीटीवी का फरमान भी सुनाया। SP साहब ने साफ कहा, “शिविर सड़क के दाहिनी ओर नहीं लगने चाहिए, और आग से बचाव के लिए फायर यंत्र जरूर होने चाहिए!”
DM का दम: गाय, प्लास्टिक, और CCTV का जाल

जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। सड़कों पर आवारा गायें न दिखें, इसके लिए पशु चिकित्सा अधिकारी को खरी-खोटी सुनाई। बिजली के खंभों पर पन्नी, पेयजल की चकाचक व्यवस्था, और साफ-सफाई के लिए क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) बनाने का आदेश दिया। प्लास्टिक थैलियों पर बैन और कपड़े के थैलों का प्रचार—यानि पर्यावरण का भी ध्यान। मंदिरों, चौराहों, और गौशालाओं में सीसीटीवी, मेडिकल सुविधाएं, और एंटी-वेनम का ज़िक्र भी हुआ। ठेले-रेहड़ियों के लिए जगह फिक्स करने का फरमान भी सुनाया गया।
Sambhal Festival alert-शांति का सर्कस!
संभल फेस्टिवल फीवर में प्रशासन तो शांति का राग अलाप रहा है, लेकिन ये प्लान देखकर लगता है, सर्कस का टेंट लग गया है! डीजे 12 फीट, ताजिया 12 फीट, लेकिन शांति की ऊंचाई का कोई मानक? DM-SP साहब, आपका ड्रोन और CCTV तो ठीक, मगर जब कांवड़िए “हर हर महादेव” और ताजियेदार “या हुसैन” के नारे लगाएंगे, तो क्या शांति का बैंड नहीं बजेगा?
Sambhal Festival alert-आगे का रास्ता

संभल फेस्टिवल फीवर का असली इम्तिहान जुलाई में होगा, जब कांवड़िए और ताजियेदार सड़कों पर होंगे। प्रशासन का दावा है कि शांति अटल रहेगी, लेकिन बिजली के तार, पानी की किल्लत, और डीजे की धुन अभी से चुनौती दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर #SambhalShantiYatra ट्रेंड करने लगा है, लेकिन कुछ लोग तंज कस रहे हैं—“शांति तो ठीक, पहले डीजे का शोर बंद करो!” क्या संभल इस बार शांति का पैगाम देगा, या फिर सख्ती का साइरन बजेगा? वक्त बताएगा, मगर तब तक—संभल, संभल कर चलो!
