India-US Trade Deal पर Rahul Gandhi का सरकार पर निशाना
लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के भाषण ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर अमेरिका के साथ व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) में देश के हितों से समझौता करने, ऊर्जा सुरक्षा को कमजोर करने और डिजिटल डेटा से जुड़े अहम मुद्दों पर झुकने का आरोप लगाया। उनके इन आरोपों पर बीजेपी ने कड़ा पलटवार करते हुए बयान को बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना बताया। सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस, नारेबाजी और हंगामा देखने को मिला।
Rahul Gandhi ने लगाए गंभीर आरोप
लोकसभा में संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका के दबाव में भारत ने ट्रेड डील की है। उनका दावा था कि यदि भारत अमेरिकी शर्तें नहीं मानेगा तो टैरिफ दोबारा बढ़ाए जा सकते हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि:
- भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) से समझौता किया गया।
- कृषि और आईटी सेक्टर के हितों को नजरअंदाज किया गया।
- भारतीय डेटा की सुरक्षा को कमजोर किया गया।
- डिजिटल ट्रेड नियमों में भारत का नियंत्रण कम किया गया।
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारतीय डेटा सबसे बड़ी ताकत है और यदि कोई देश इसे हासिल करना चाहता है तो भारत से बराबरी के आधार पर बात करनी चाहिए।
डेटा और डॉलर पर Rahul Gandhi की दलील
राहुल गांधी ने वैश्विक अस्थिरता का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया युद्ध और आर्थिक चुनौतियों के दौर से गुजर रही है। उनके अनुसार, अमेरिका और चीन के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा में भारतीय डेटा की अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा कि भारत को अपने डिजिटल ट्रेड नियम, डेटा लोकलाइजेशन और डिजिटल टैक्स जैसे मुद्दों पर सख्त रुख अपनाना चाहिए। राहुल गांधी का ये भी कहना था कि भारत की जनसंख्या बोझ नहीं बल्कि सबसे बड़ी संपत्ति है, बशर्ते उसके डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
बीजेपी का पलटवार: ‘देश को कोई बेच नहीं सकता’
राहुल गांधी के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब देते हुए कहा कि देश को बेचने जैसे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि संसद में आरोप तथ्यों के साथ लगाए जाने चाहिए।
रिजिजू ने स्पष्ट कहा:
- देश को कोई बेच नहीं सकता।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मजबूत नेतृत्व दे रहे हैं।
- बिना सबूत के लगाए गए आरोप विशेषाधिकार का उल्लंघन हैं।
उन्होंने स्पीकर से राहुल गांधी के बयान पर आवश्यक कार्रवाई की मांग भी की।
वित्त मंत्री पर भी साधा निशाना
सदन में बहस के दौरान राहुल गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने विदेशी कंपनियों को कथित टैक्स छूट और डिजिटल नीति में बदलाव को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई और बजट चर्चा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई।
क्या बनेगा बड़ा राजनीतिक मुद्दा?
लोकसभा में उठा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का मुद्दा आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है। डेटा सुरक्षा, ऊर्जा नीति, किसानों के हित और डिजिटल ट्रेड जैसे मुद्दे अब राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं।
राहुल गांधी के बयान और बीजेपी के पलटवार ने ये साफ कर दिया है कि ये विवाद संसद से बाहर भी सियासी मंचों पर गूंजेगा।
लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। जहां विपक्ष सरकार पर विदेशी दबाव में झुकने का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इन दावों को पूरी तरह खारिज कर रहा है। आने वाले दिनों में ये मुद्दा देश की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।

