केजरीवाल के निशाने पर BJP, कांग्रेस, Delhi के बिगड़ते हालात पर सियासत तेज
देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में बढ़ते प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली आज गैस चैंबर बन चुकी है, लेकिन केंद्र और दिल्ली की मौजूदा सरकार इस गंभीर समस्या को लेकर पूरी तरह बेपरवाह है।
‘देश की राजधानी Delhi ही सुरक्षित नहीं है’
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओमान में हैं, दूसरी तरफ नेता विपक्ष राहुल गांधी जर्मनी में, और इधर देश की राजधानी जहरीली हवा से जूझ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश की राजधानी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों को साफ हवा कैसे मिलेगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ साझा प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने पराली के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण के लिए पंजाब की पराली को जिम्मेदार ठहराया जाता था, लेकिन मौजूदा समय में पंजाब के अधिकांश शहरों का AQI 70 से 100 के बीच है। इसका साफ मतलब है कि पंजाब में इस समय न तो पराली जलाई जा रही है और न ही वहां से धुआं आ रहा है। ऐसे में दिल्ली का प्रदूषण दिल्ली का अपना प्रदूषण है।

‘Delhi में वास्तविक AQI 700-800 के पार हो सकता है’
केजरीवाल ने दावा किया कि जब दिल्ली में 10 साल तक आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब इस स्तर का खतरनाक प्रदूषण कभी देखने को नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में जो आधिकारिक AQI आंकड़े दिखाए जा रहे हैं, वे वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाते। AQI मीटर्स के आसपास पानी छिड़कने के बावजूद AQI 450 के पार चला जाता है, जबकि वास्तविक स्तर 700 से 800 तक हो सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का वातावरण दमघोंटू हो चुका है, लेकिन सरकार समाधान के बजाय गड़बड़ी में लगी है।
बीजेपी को खुली चुनौती देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वो और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर खुली बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने बीजेपी से कहा कि वो अपने मंत्रियों को आगे भेजे और जनता को बताए कि आखिर इस समस्या का समाधान क्या है। केजरीवाल ने ये भी पूछा कि कब तक आम आदमी पार्टी पर ही दोष मढ़ा जाता रहेगा।
उन्होंने ये भी दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में करीब 90 फीसदी तक कमी आई है। अंत में केजरीवाल ने कहा कि सरकारें केवल आंकड़ों से खेल रही हैं, जबकि आम जनता को हर दिन जहरीली हवा में सांस लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
