ख्वाजा आसिफ के खुलासे से Pakistan में हलचल !
पाकिस्तान (Pakistan) की राजनीति और विदेश नीति को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है। पाकिस्तानी संसद (नेशनल असेंबली) में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान को हमेशा अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया और काम निकलते ही उसे अकेला छोड़ दिया।
तालिबान मुद्दे पर Pakistan की बड़ी गलती
ख्वाजा आसिफ ने साफ शब्दों में कहा कि तालिबान से जुड़ी लड़ाई में पाकिस्तान की भूमिका एक बड़ी गलती थी। उनके मुताबिक इस गलती की भरपाई अब कभी नहीं की जा सकती। उन्होंने माना कि अफगानिस्तान की जंग में शामिल होकर पाकिस्तान ने अपने ही लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया।
1980 का दशक और रूस के खिलाफ युद्ध
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने बताया कि 1980 के दशक में अफगानिस्तान में रूस के खिलाफ जो विद्रोह हुआ, वह अमेरिका के इशारे पर था। उस समय पाकिस्तान की सरकार ने अपने हितों को देखते हुए अपने नागरिकों को इस संघर्ष में झोंक दिया।

ख्वाजा आसिफ के अनुसार, ये फैसला पाकिस्तान के इतिहास की सबसे बड़ी रणनीतिक गलतियों में से एक था।
“रूस के खिलाफ लड़ाई जिहाद नहीं थी”
ख्वाजा आसिफ ने संसद में कहा कि रूस के खिलाफ जिस युद्ध को जिहाद कहा गया, वह वास्तव में जिहाद नहीं था। उन्होंने तर्क दिया कि रूस अफगानिस्तान पर कब्जा करने नहीं आया था, बल्कि वहां की सरकार के निमंत्रण पर पहुंचा था। ऐसे में पाकिस्तान का उस युद्ध में शामिल होना पूरी तरह गलत था।
2001 के बाद फिर वही गलती
रक्षा मंत्री ने कहा कि 2001 में पाकिस्तान ने अमेरिका के लिए तालिबान के खिलाफ मोर्चा लिया। अमेरिका अपना काम पूरा करके चला गया, लेकिन पाकिस्तान आज भी उसके नतीजे भुगत रहा है।
उन्होंने दो टूक कहा कि इस नुकसान की भरपाई संभव नहीं है।
“US ने Pakistan को टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया”
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि Pakistan ने अमेरिका को हर संभव मदद दी—
- एयरस्पेस उपलब्ध कराया
- कराची पोर्ट का इस्तेमाल करने दिया
- अपने लोग और संसाधन झोंके
लेकिन बदले में क्या मिला? उनके शब्दों में, अमेरिका ने पाकिस्तान को “टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया और फिर फेंक दिया।”

आतंकी हमलों और Afghanistan पर आरोप
ख्वाजा आसिफ का ये बयान इस्लामाबाद में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद आया है, जिसमें एक मस्जिद में 30 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। पाकिस्तान ने इस हमले के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि हमलावर को वहां ट्रेनिंग दी गई थी।
तालिबान के कारण Pakistan को कितना नुकसान हुआ?
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के अनुसार,
- तालिबान और अल-कायदा से जुड़ी लड़ाई में पाकिस्तान ने करीब 75,000 लोगों को खोया
- आर्थिक नुकसान 123 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा रहा
- अमेरिका से मदद के नाम पर सिर्फ 20 अरब डॉलर मिले
वहीं, सोवियत संघ के खिलाफ लड़ाई में आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान के लगभग 300 लोग मारे गए थे।
ख्वाजा आसिफ का बयान ये साफ दिखाता है कि अब पाकिस्तान के भीतर भी अमेरिका के साथ पुराने रिश्तों और फैसलों पर खुलकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ये बयान न सिर्फ राजनीतिक है, बल्कि पाकिस्तान की भविष्य की विदेश नीति की दिशा को भी संकेत देता है।
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