Message for the DGP. Haryana Police के कार्यवाहक महानिदेशक ओपी सिंह वर्ष के अंतिम दिन सेवानिवृत हो गए। Karnal की Madhuban Police Academy में उनके लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। हालांकि, वह महज ढाई महीने के लिए इस पद पर रहे, लेकिन उनका छोटा सा कार्यकाल चर्चा में रहा और वह छाप छोड़ने में कामयाब रहे। इस दौरान उन्होंने एक भावुक पत्र भी जारी किया।
सपनों वाला करियर रहा

1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और डीजीपी ओपी सिंह ने अपनी पूरी सेवा यात्रा को एक रेल यात्रा की तरह बताया औऱ कहा कि कहा कि आईपीएस रूपी ट्रेन का यह उनका अंतिम स्टेशन है, जहां उन्हें उतरना है, लेकिन जीवन की यात्रा अभी जारी है। इस दौरान ओपी सिंह ने कहा कि उन्हें टायर शब्द तंग करता है। अपने करियर के बारे में उन्होंने कहा कि यदि आईपीएस की ज्वाइनिंग के समय कोई उनसे यह सवाल पूछता तो उस समय वह जो कह पाते, उससे भी शानदार सपनों वाला करियर रहा है।
रखना पड़ेगा 36 का आंकड़ा

नए डीजीपी को लेकर पूछे सवाल के जवाब में ओपी सिंह ने कहा कि उन्हें भी अपराधियों से 36 का आंकड़ा रखना पड़ेगा। ठगों को दड़ाकर रखना पड़ेगा। लोगों से ठीक से पेश आना पड़ेगा, क्योंकि सभ्य समाज में दो लोगों के बीच में ठगी और बदमाशी की कोई जगह नहीं है। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ पुलिस की लड़ाई को सबकी लड़ाई बताया।
ढाई महीने का रहा कार्यकाल
गौरतलब है कि ओपी सिंह ने 14 अक्तूबर 2025 को हरियाणा के कार्यवाहक डीजीपी का कार्यभार संभाला था। आईपीएस वाई पूरण कुमार की मौत मामले में पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर को सरकार ने अवकाश पर भेजकर उन्हें कार्यभार सौंपा था। वह महज दो महीने और 16 दिन के लिए हरियाणा के डीजीपी के पद पर रहे।
थार और बुलेट को लेकर दिया था चर्चित बयान

ढाई महीने के छोटे से कार्यकाल के दौरान डीजीपी ओपी सिंह अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहे। उन्होंने थानों का दौरा किया। साथ ही पुलिस के जवानों को कई पत्र लिखे। मीडिया के साथ बातचीत में गैंगस्टर्स को कायर कहा। साथ ही थार और बुलेट में चलने वालों की मानसिकता को लेकर भी बयान दिया, जिसमें कहा कि इसमें अपराधी किस्म के लोग चलते हैं। इस पर उन्हें गुरुग्राम के एक शख्स ने नोटिस भी भेजा।
कौन हैं डीजीपी ओपी सिंह?
डीजीपी ओपी सिंह मूल रूप से बिहार के जमुई के रहने वाले हैं। वह 1992 बैच के हरियाणा कैडर के अफसर रहे हैं। वह अपनी फिटनेस के लिए भी जाने जाते हैं। गौरतलब है कि डीजीपी ओपी सिंह मशहूर दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के जीजा हैं। ओपी सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद अब नए डीजीपी के नाम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही प्रदेश को नया डीजीपी मिल सकता है। ऐसा नहीं होने पर प्रदेश सरकार को फिर से किसी अधिकारी को कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी देनी पड़ सकती है।
सुनिए विदाई समारोह के दौरान डीजीपी ओपी सिंह का इंटरव्यू…
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