Iran की चेतावनी से मिडिल ईस्ट में खलबली
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच Iran ने खाड़ी देशों को एक कड़ी चेतावनी दी है। ईरान ने साफ कहा है कि अगर ईरान के खिलाफ किसी भी तरह के हमलों के लिए खाड़ी देशों की जमीन का इस्तेमाल किया गया, तो वो उनको इसका सख्त जवाब देगा। इस बयान ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन (Masoud Pezeshkian) ने कहा कि उनका देश युद्ध की शुरुआत नहीं करता, लेकिन अगर उसकी सुरक्षा, महत्वपूर्ण ठिकानों या अर्थव्यवस्था को निशाना बनाया गया, तो जवाब बेहद कड़ा होगा। उन्होंने खाड़ी देशों से अपील की कि वे अपने यहां ईरान के विरोधियों को सैन्य कार्रवाई की अनुमति न दें, क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी।
Iran के राष्ट्रपति ने कहा- हमने कई बार कहा है कि ईरान पूर्वव्यापी हमले नहीं करता, लेकिन अगर हमारे बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया गया तो हम कड़ा जवाब देंगे। क्षेत्र के देश: अगर आप विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो हमारे शत्रुओं को अपनी भूमि से युद्ध चलाने न दें।
US-Iran War में खाड़ी देश फंसे
पिछले एक महीने से ज्यादा समय से ईरान और United States के बीच तनाव जारी है। इस टकराव का असर सऊदी अरब, यूएई, ओमान, कुवैत और कतर जैसे खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है।

अमेरिका इन देशों में मौजूद अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए कर रहा है, जबकि ईरान भी जवाबी कार्रवाई में इन्हीं इलाकों को निशाना बना रहा है। इससे क्षेत्र में बड़े संघर्ष का खतरा लगातार बना हुआ है।
Iran की सेना की अमेरिका को चेतावनी
ईरान की सेना ने भी अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। सेना के खतम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता Ebrahim Zolfaqari ने कहा कि इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैनिक अब सुरक्षित नहीं हैं।
ईरान ने दावा किया है कि दुबई में उन स्थानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया, जहां अमेरिकी सैनिक ठहरे हुए थे। प्रवक्ता के मुताबिक, इन हमलों में बड़ी संख्या में सैनिकों को निशाना बनाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो ये पूरा क्षेत्र अमेरिकी सेना के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
अमेरिकी जहाज पर हमले का दावा
ईरान ने ये भी दावा किया है कि उसने ओमान के सलालाह बंदरगाह के पास एक अमेरिकी सैन्य सपोर्ट जहाज को निशाना बनाया। हालांकि, ईरान ने ये भी कहा कि वो ओमान की संप्रभुता का सम्मान करता है और उसकी कार्रवाई किसी देश की सीमा का उल्लंघन करने के उद्देश्य से नहीं थी।
शांति प्रयासों में पाकिस्तान की पहल
इस बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ (Shehbaz Sharif) ने ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष को खत्म करने के लिए आपसी भरोसा बेहद जरूरी है।
ईरान ने भी शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान की कोशिशों की सराहना की है। इसके अलावा सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्री इस्लामाबाद में बैठक करने वाले हैं, जिसमें इस संघर्ष को कम करने और समाधान निकालने पर चर्चा होगी।
Iran और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले रहा है। ईरान की चेतावनी और सैन्य गतिविधियों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। ऐसे में क्षेत्रीय सहयोग और कूटनीतिक प्रयास ही इस संकट को कम करने का एकमात्र रास्ता नजर आते हैं।
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