Iran Crisis: ईरान में 100 से ज्यादा की मौत, अलर्ट पर इज़रायल, ट्रंप कभी भी कर सकते हैं हमला !
मध्य पूर्व में ईरान (Iran) को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। देश के भीतर बड़े पैमाने पर सरकार-विरोधी प्रदर्शन जारी हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े बयानों के बाद इज़रायल ने खुद को हाई अलर्ट पर रखा है। आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका किसी भी वक्त इरान में हस्तक्षेप कर सकता है, जिससे क्षेत्रीय हालात और बिगड़ सकते हैं।
Iran में विरोध प्रदर्शन और बढ़ा तनाव
ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुए सरकार-विरोधी प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं। तेहरान से लेकर फार्स, इलाम, केरमानशाह और चहारमहल-बख्तियारी जैसे प्रांतों में हालात हिंसक हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में अब तक 116 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 2,600 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालात काबू में रखने के लिए सरकार ने इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी हैं।
खामेनेई शासन की सख्त चेतावनी
ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को ‘मोहारेब’ यानी खुदा का दुश्मन माना जा सकता है। ईरानी कानून की धाराओं के तहत ऐसे मामलों में फांसी जैसी कठोर सजा का प्रावधान है, जिससे लोगों में डर का माहौल और गहरा गया है।

Iran संकट पर ट्रंप के बयान से बढ़ी हलचल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Iran को लेकर लगातार सख्त बयान दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग न करे। ट्रंप ने ये भी कहा कि अमेरिका मदद के लिए तैयार है। उनके इस बयान को Iran के आंतरिक मामलों में संभावित अमेरिकी दखल के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
इज़रायल हाई अलर्ट पर
Iran में बिगड़ते हालात और अमेरिकी रुख को देखते हुए इज़रायल हाई अलर्ट पर है। इजराइली सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इज़रायल के शीर्ष नेतृत्व और अमेरिका के बीच उच्च स्तरीय बातचीत हुई है, जिसमें Iran की स्थिति और संभावित कदमों पर चर्चा की गई।
नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री की बातचीत
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें Iran के मौजूदा हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की गई। हालांकि इज़रायल ने फिलहाल Iran में सीधे हस्तक्षेप के संकेत नहीं दिए हैं, लेकिन परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है।
Iran संकट से बढ़ सकता है क्षेत्रीय टकराव
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Iran में हालात और बिगड़ते हैं या अमेरिका ने दखल दिया, तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ सकता है। इज़रायल पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी संभावित हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिन Iran संकट के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।
Walnuts Vs Almonds: अखरोट या बादाम – रोजाना कौन सा Superfood ज्यादा फायदेमंद? जानिए !
Haircare Tips: नारियल तेल में मिलाएं ये एक चीज, हेयर फॉल और डैंड्रफ जड़ से होगा खत्म !
