Pakistan में नदी के रेत से निकल रहा सोना !
Pakistan के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र का डायमर जिला इन दिनों एक अनोखी वजह से चर्चा में है। यहां बहने वाली सिंधु नदी अब सिर्फ पानी का स्रोत नहीं रही, बल्कि कई परिवारों की आय का बड़ा जरिया भी बन गई है। नदी की रेत से सोना निकालने की प्रक्रिया अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर मशीनों तक पहुंच चुकी है, जिससे उत्पादन बढ़ा है, लेकिन इसके साथ कई नई चुनौतियां भी सामने आई हैं।
Pakistan में सोना निकालने की प्रक्रिया कैसी है ?
परंपरा से तकनीक तक का सफर
डायमर और चिलास इलाकों में रहने वाली कुछ जनजातियां पीढ़ियों से सिंधु नदी के किनारे रेत छानकर सोना निकालती रही हैं। पहले ये काम पूरी तरह हाथों से होता था और दिनभर की मेहनत के बाद मुश्किल से एक ग्राम सोना मिल पाता था। अब हालात बदल चुके हैं। आधुनिक मशीनों की मदद से कुछ ही घंटों में बड़ी मात्रा में रेत छानी जा रही है, जिससे एक परिवार रोज़ाना 5 से 7 ग्राम तक सोना निकालने में सफल हो रहा है।
जमीन मालिकों को ज्यादा फायदा
Pakistan से जुड़ी रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐसी ख़बरें हैं कि मशीनों का इस्तेमाल ज़्यादातर उन्हीं लोगों द्वारा किया जा रहा है जिनके पास नदी किनारे जमीन है या जो बाहर से निवेश लेकर आए हैं। स्थानीय लोग या तो अपनी जमीन किराए पर दे रहे हैं या मुनाफे में हिस्सेदार बन रहे हैं।

वहीं, जिन जनजातियों के पास न तो जमीन है और न ही मशीनें खरीदने की क्षमता, वे अब दिहाड़ी मजदूरी करने को मजबूर हैं। इससे सामाजिक और आर्थिक असमानता भी बढ़ रही है।
पर्यावरण पर मंडराता खतरा
तकनीक से उत्पादन बढ़ा है, लेकिन पर्यावरण पर इसका असर चिंता का विषय बनता जा रहा है। डीज़ल से चलने वाली मशीनों और जनरेटर से निकलने वाला धुआं ग्लेशियरों के लिए खतरा पैदा कर रहा है।
इसके अलावा, नदी का पानी गंदा होने से मछलियों और अन्य जलीय जीवों पर असर पड़ रहा है। शोर और कंपन से इलाके की प्राकृतिक शांति भी धीरे-धीरे खत्म हो रही है।
Pakistan में कैसा है सोना निकालने से जुड़ा कानून ?
फिलहाल गिलगित-बाल्टिस्तान में नदी से सोना निकालने को लेकर कोई स्पष्ट और अलग कानून मौजूद नहीं है। इसे सामान्य खनन नियमों के तहत ही देखा जाता है। प्रशासन अवैध मशीनों को नियंत्रित करने की बात तो कर रहा है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर निगरानी कमजोर दिखाई देती है। स्थानीय जनजातियों की मांग है कि उन्हें पर्यावरण के अनुकूल तरीकों से काम करने की अनुमति दी जाए, ताकि उनकी पारंपरिक आजीविका भी बचे और प्रकृति को भी नुकसान न पहुंचे।
Pakistan के इस क्षेत्र में सोना निकालने की बढ़ती गतिविधियां आर्थिक अवसर तो ला रही हैं, लेकिन इसके साथ सामाजिक और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। अगर समय रहते सही नियम और टिकाऊ तकनीकें नहीं अपनाई गईं, तो लाभ के साथ-साथ नुकसान भी गहराता चला जाएगा
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