Fake Liquor Bust -बिजनौर
Fake Liquor Bust
✅ Written by khabarilal.digital Desk
📍 Location: बिजनौर
🗞️Reporter: नवनीत राजपूत
हल्दौर में आबकारी-पुलिस की छापेमारी, नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़
बिजनौर, 28 जून 2025: बिजनौर के हल्दौर में नकली शराब के ‘महाराज’ इतने ‘रॉयल’ ठाठ से धंधा चला रहे थे कि असली शराब की बोतलें भी शरमा जाएं! लेकिन आबकारी विभाग और थाना हल्दौर पुलिस ने इनके ‘शाही’ खेल का भंडाफोड़ कर दिया। मुखबिर की सूचना पर कस्बा झालू की एक शराब दुकान पर छापा मारा गया, और वहां से शुरू हुआ नकली शराब के इस ‘स्वादिष्ट’ ड्रामे का पर्दाफाश!
Fake Liquor Bust- ‘क्यूआर कोड’ का काला कारनामा
छापेमारी में दुकान के सेल्समैन उपेंद्र सिंह और विपिन को धर दबोचा गया। इनके पास से 30 बोतलें ब्रांडेड शराब की बोतलें मिलीं, जिनके क्यूआर कोड स्कैन करने पर बस ‘नकली’ का तमगा चमक रहा था। दोनों ने हांफते हुए कबूल किया कि वे नकली शराब को ‘असली माल’ बताकर बेच रहे थे। इनकी निशानदेही पर दलपत सिंह के मकान पर छापा पड़ा, जहां नकली शराब का पूरा ‘कारखाना’ चल रहा था। सैकड़ों खाली बोतलें, ढक्कन, नकली क्यूआर कोड, और शराब बनाने की मशीनें—मानो कोई ‘शराब स्टूडियो’ हो!
इसके बाद शराब ठेके के मालिक मूलचंद के घर से अरविंद, विनय, और अंकित को भी पकड़ा गया। इनके पास से 135 लीटर नकली शराब, 25 लीटर एल्कोहल, नकदी (1,17,180 रुपये), और एक स्विफ्ट कार बरामद हुई।
Fake Liquor Bust-‘रॉयल’ धंधा, ‘इम्पीरियल’ बेइज्जती
यह गैंग नकली शराब को असली ब्रांड की बोतलों में भरकर बेच रहा था, और क्यूआर कोड की ‘जादूगरी’ से ग्राहकों को चकमा दे रहा था। लेकिन सवाल यह है—क्या यह सब इतने बड़े पैमाने पर बिना किसी ‘ऊपरी आशीर्वाद’ के हो सकता है? बिहार के मुजफ्फरपुर में भी 2025 में एक मिनी शराब फैक्ट्री पकड़ी गई, जहां कबाड़ी से खाली बोतलें खरीदकर 20 रुपये की शराब 1000-1200 रुपये में बेची जा रही थी। मुरादाबाद में 2021 में 20 पेटी नकली शराब के साथ पांच लोग पकड़े गए। तो क्या बिजनौर के इस ‘रॉयल’ गैंग को भी कोई ‘इम्पीरियल’ संरक्षण मिल रहा था?
नकली शराब का ‘नशा’: आंकड़े चीखते हैं
नकली शराब का धंधा देश में कोई नई कहानी नहीं।
धनबाद (2025): सरकारी दुकानों पर नकली शराब बिक्री के लिए पांच सेल्समैन पकड़े गए।
कालाअंब (2025): 230 पेटी रॉयल ब्लू व्हिस्की सहित भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद।
Fake Liquor Bust –पुलिस का ‘शाही’ जवाब
आबकारी विभाग और पुलिस ने पांचों आरोपियों—उपेंद्र, विपिन, अरविंद, विनय, और अंकित—के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। लेकिन सवाल वही है—क्या यह कार्रवाई सिर्फ छोटी मछलियों को पकड़ने तक सीमित रहेगी, या बड़े ‘शराब मगरमच्छ’ भी जाल में आएंगे?
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