US-Iran War के बीच भारत में LPG और तेल की सप्लाई पर सरकार की नज़र
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच भारत में LPG और तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। खासकर तब जब फारस की खाड़ी से गुजरने वाले अहम समुद्री रास्ते Strait of Hormuz में बाधा आने की खबरें सामने आईं। इस मार्ग से तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए इसके प्रभावित होने का असर भारत समेत कई देशों पर पड़ सकता है।
हालांकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। देश में तेल और गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वैकल्पिक आपूर्ति की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि घरेलू LPG की सप्लाई प्रभावित न हो।
भारत में रोज कितनी है LPG और गैस की खपत
भारत में ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देश में हर दिन लगभग 19.5 करोड़ घन मीटर गैस की खपत होती है। इसमें से करीब 10 करोड़ घन मीटर गैस का उत्पादन देश में ही होता है, जबकि बाकी हिस्सा आयात के जरिए पूरा किया जाता है।

मौजूदा संकट के कारण होर्मुज स्ट्रेट से आने वाली गैस सप्लाई में करीब 30 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं कतर से आने वाली गैस में लगभग 47 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद सरकार का कहना है कि मौजूदा स्टॉक से करीब 50 दिनों तक की जरूरत पूरी की जा सकती है।
LPG सप्लाई बनाए रखने के लिए सरकार की तैयारी
सरकार ने संभावित संकट से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। तेल और गैस कंपनियों को घरेलू उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पश्चिम एशिया से आने वाली शिपमेंट्स को बीमा कवरेज देने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
इसके अलावा खाड़ी देशों के अलावा अन्य देशों से भी गैस खरीदने के समझौते किए जा रहे हैं ताकि LPG और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में कोई कमी न आए।
किन देशों से हो रही अतिरिक्त गैस की व्यवस्था
ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत ने कई देशों के साथ आपूर्ति के नए विकल्प तैयार किए हैं।
- रूस भारत को एलएनजी उपलब्ध कराने के लिए तैयार है
- भारतीय तट पर करीब 95 लाख बैरल रूसी तेल मौजूद है
- अमेरिका से 22 लाख टन LPG का सौदा किया गया है
- ऑस्ट्रेलिया और अल्जीरिया से गैस सप्लाई जारी है
- कनाडा और पश्चिम अफ्रीका से भी अतिरिक्त आपूर्ति की तैयारी की जा रही है
इन कदमों का मकसद ये सुनिश्चित करना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य बनी रहे।
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती
गैस को लेकर अफवाहों और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू कर दिया है। इसके तहत घरेलू LPG सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने ये भी तय किया है कि घरेलू गैस सिलेंडर 25 दिनों के अंतराल के बाद ही दोबारा बुक किए जा सकेंगे। साथ ही घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
रोजाना कितनी हो रही LPG सप्लाई
सरकारी सूत्रों के अनुसार भारतीय रिफाइनरियां सामान्य दिनों की तरह रोजाना लगभग 60 लाख यूनिट घरेलू LPG सिलेंडर की सप्लाई कर रही हैं। सिलेंडर की कीमत डिलीवरी की तारीख के अनुसार तय होगी। यानी अगर बुकिंग पहले हुई हो लेकिन डिलीवरी बाद में हो तो नई कीमत के हिसाब से भुगतान करना पड़ सकता है।
घबराने की जरूरत नहीं
ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक देश में LPG और गैस की सप्लाई बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सरकार का कहना है कि किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी, क्योंकि गैस की उपलब्धता सीधे तौर पर करोड़ों परिवारों की रसोई से जुड़ी है।
IPL-2026 Schedule: IPL का आधा शेड्यूल आया, आधा लटक गया, जानिए कहां फंस गया पेंच !
WhatsApp-Signal पर सबसे बड़ा अटैक, जानिए कैसे सुरक्षित करें अपना अकाउंट !
