CM Yogi की नसीहत, लोकमाता के नाम पर, शंकराचार्य के नाम पर, SIR के नाम पर या किसी अन्य के नाम पर समाज को गुमराह करना बंद करिए…
उत्तर प्रदेश के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने समाजवादी पार्टी. शंकराचार्य विवाद पर जमकर निशाना साधा। दरअसल सीएम योगी ने अपने संबोधन में उन्होंने माघ मेले की घटना, कानून व्यवस्था और शंकराचार्य विवाद को लेकर सपा की भूमिका पर तीखी टिप्पणी की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
शंकराचार्य विवाद पर CM Yogi की दो टूक
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Avimukteshwaranand Saraswati) को लेकर उठे शंकराचार्य विवाद के बीच सीएम योगी ने यूपी विधानसभा में कहा कि हर व्यक्ति स्वयं को शंकराचार्य नहीं लिख सकता और न ही किसी पीठ के आचार्य के रूप में जाकर वातावरण को प्रभावित कर सकता है।
CM Yogi का सपा पर सीधा हमला
सीएम योगी ने सपा के शासनकाल की घटना का ज़िक्र करते हुए शंकराचार्य विवाद पर सपा के दोहरे मापदंड को जनता के सामने रखा, सीएम योगी ने सवाल उठाया कि यदि संबंधित व्यक्ति शंकराचार्य थे तो वाराणसी में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई? उन्होंने विपक्ष से पूछा कि उस समय लाठीचार्ज और एफआईआर दर्ज क्यों हुई थी। मुख्यमंत्री ने इसे राजनीतिक दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।
माघ मेले की व्यवस्था पर सरकार का पक्ष
सीएम योगी ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन माघ मेले में साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जहां से श्रद्धालु बाहर निकल रहे हों, उस एग्जिट गेट से अंदर जाने की कोशिश करना भगदड़ जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। इससे श्रद्धालुओं के जीवन को खतरा हो सकता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, एक जिम्मेदार और मर्यादित व्यक्ति कभी भी ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं करेगा जिससे जनसुरक्षा पर असर पड़े।
“कानून सबके लिए बराबर है”
सीएम योगी ने सदन में कहा कि कानून सभी के लिए समान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री का पद किसी कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा, “अगर मैं अपराध करूंगा तो मुझे भी उसी कानून के तहत देखा जाएगा, जिस कानून से एक आम नागरिक को देखा जाता है।”
सीएम योगी ने आगे कहा कि भारत की संवैधानिक व्यवस्था में हर नागरिक को कानून का पालन करना चाहिए। सरकार कानून का पालन करना भी जानती है और करवाना भी।
मुख्यमंत्री योगी ने तंज कसते हुए कहा कि क्या कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री बनकर घूम सकता है? क्या कोई भी मंत्री का बोर्ड लगाकर या सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर प्रदेश में भ्रमण कर सकता है? उन्होंने कहा कि हर व्यवस्था का एक सिस्टम होता है। जैसे सदन नियमों और परंपराओं से संचालित होता है, वैसे ही सनातन धर्म में भी शंकराचार्य का पद सर्वोच्च और पवित्र माना जाता है।
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