Bangladesh में दीपू दास के बाद अमृत मंडल की हत्या
Bangladesh Violence Update
बांग्लादेश (Bangladesh) में कानून व्यवस्था पर कट्टरपंथ हावी हो गया है और हर तरफ हिंसा,अराजकता का महौल है। हाल ही में राजबाड़ी जिले के पांग्शा क्षेत्र में एक हिंदू युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। ये घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है।
पुलिस की शुरुआती जांच में मृतक की पहचान अमृत मंडल उर्फ सम्राट के रूप में हुई है। वो हुसैनडांगा गांव के अक्षय मंडल का बेटा था। स्थानीय लोगों और पुलिस का दावा है कि सम्राट पर उगाही, धमकी और अन्य आपराधिक मामलों के आरोप थे। बताया जा रहा है कि वो “सम्राट बाहिनी” नामक एक आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ था और उसके खिलाफ हत्या सहित दो मामले पहले से दर्ज थे, हालांकि बांग्लादेश के हालात को देखते हुए पुलिस-प्रशासन के दावे सवालों के कटघरे में हैं।
घटना के संबंध में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात करीब 11 बजे सम्राट अपने कुछ साथियों के साथ एक स्थानीय निवासी शहिदुल इसलाम से कथित तौर पर पैसे की मांग करने उसके घर पहुंचा था। इसी दौरान परिवार ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए। आरोप है कि भीड़ ने सम्राट की पिटाई कर दी, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
‘हाल ही में Bangladesh लौटा था अमृत मंडल’
इस मामले में पुलिस ने सम्राट के एक सहयोगी मोहम्मद सलीम को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक पिस्तौल समेत हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए थे और उनकी तलाश जारी है।

स्थानीय लोगों का दावा है कि सम्राट लंबे समय तक भारत में छिपा हुआ था और हाल ही में अपने गांव लौटा था। हालांकि, पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की बात कह रही है और ये भी स्पष्ट किया है कि कानून अपने हाथ में लेने की किसी को अनुमति नहीं दी जा सकती। पुलिस के अनुसार, ये मामला कथित तौर पर उगाही और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।
गौरतलब है कि ये घटना हाल के दिनों में सामने आए भीड़ हिंसा के अन्य मामलों के बाद हुई है। इससे पहले मयमनसिंह जिले के भालुका इलाके में दीपू चंद्र दास नामक एक हिंदू युवक की भीड़ द्वारा हत्या का मामला सामने आया था। इन घटनाओं के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि देश में भीड़ हिंसा और सांप्रदायिक हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं बांग्लादेश में सामाजिक सौहार्द, कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रही हैं। अब देखना ये है कि प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
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