Firozabad Sex Racket
Firozabad Sex Racket -फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में बालाजी मंदिर की पवित्र गलियों में Sex Racket ने आस्था का गला घोंट दिया। मंदिर के पास होटल में देह व्यापार का गंदा धंधा चल रहा था, जहां श्रद्धालुओं की भक्ति के बीच सौदेबाजी की सिसकियां गूंज रही थीं। स्थानीय लोगों की शिकायत पर पुलिस ने छापा मारा, एक युवक-युवती को पकड़ा।
बालाजी की छांव में Firozabad Sex Racket का काला कारनामा
वो गलियां जहां बालाजी महाराज की जय-जयकार गूंजती है, जहां भक्तों की आंखें श्रद्धा से झुकी रहती हैं, वहां Sex Racket ने पवित्रता का चीरहरण कर डाला। शिकोहाबाद का बालाजी मंदिर, जहां हर बुधवार लाखों भक्त माथा टेकने आते हैं, उसकी बगल में होटल की दीवारें देह व्यापार की चीखों से कांप रही थीं। ललित यादव नाम का शख्स, जिसके होटल आस्था की आड़ में गंदगी का अड्डा बने, ने फिरोजाबाद की रूह को दागदार किया। 25 जून 2025 को स्थानीय लोगों की चीख ने आखिरकार पुलिस को जगा दिया। छापे में एक युवक-युवती पकड़े गए, लेकिन सवाल ये—क्या ये गंदा खेल अब रुकेगा, या बालाजी की पवित्रता को और दागदार करेगा?
आस्था का अपमान: मंदिर की बगल में देह का मोल
बालाजी मंदिर शिकोहाबाद की आत्मा है। हर भक्त यहां मनौती मांगने आता है, मन्नत का धागा बांधता है। मगर मंदिर की छांव में होटल की बंद खिड़कियों के पीछे Sex Racket का गंदा नाच चल रहा था। ललित यादव के होटलों में देह व्यापार का धंधा इस कदर फल-फूल रहा था कि भक्तों की भक्ति भी शर्मसार हो रही थी। “ये होटल नहीं, पाप का अड्डा हैं,” मुहल्लेवासी रामपाल की आवाज में दर्द और गुस्सा था। “हमारी बेटियां रास्ते से गुजरते डरती हैं, परिवार वाले सिर झुकाकर जीते हैं।” स्थानीय लोगों ने डायल 112 पर शिकायत की, तब जाकर पुलिस हरकत में आई। लेकिन ये पहली बार नहीं—पहले भी छापे पड़े, होटल सीज हुए, फिर दोबारा गंदगी शुरू। क्या पुलिस की कार्रवाई सिर्फ खानापूर्ति है?
पुलिस का छापा: Firozabad Sex Racket की सिसकियां बेनकाब
25 जून 2025 की दोपहर, जब बालाजी मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी थी, पुलिस ने होटल पर धावा बोला। Raid में एक युवक और युवती पकड़े गए, जिनके रिश्ते की सच्चाई अभी पुलिस की पूछताछ में उलझी है। इंस्पेक्टर अनुज कुमार राणा ने दम भरा, “देह व्यापार को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। मैं खुद होटलों की तलाशी लूंगा।” लेकिन मुहल्लेवासियों का गुस्सा थम नहीं रहा। “ललित यादव के होटल बार-बार खुलते हैं, पुलिस छापा मारती है, फिर सब शांत। कौन है इनका संरक्षक?” स्थानीय व्यापारी श्यामलाल का सवाल हवा में तैर रहा है। Sex Racket की जड़ें कितनी गहरी हैं, क्या पुलिस इन्हें उखाड़ पाएगी, या ये सिर्फ एक और नाटक है?
मुहल्ले की चीख: परिवारों की इज्जत दांव पर
बालाजी मंदिर के आसपास रिहायशी इलाका है, जहां बच्चे खेलते हैं, बेटियां स्कूल जाती हैं, और परिवार सिर उठाकर जीते हैं। लेकिन ललित यादव के होटलों ने इस मोहल्ले की रूह को छलनी कर दिया। “रात को गाड़ियां रुकती हैं, अजीब-अजीब आवाजें आती हैं। हमारी बेटियों को रास्ते पर चलते डर लगता है,” मंजू देवी की आंखों में आंसुओं के साथ गुस्सा था। मुहल्लेवासियों ने कई बार पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन हर बार वादे और छापे केवल खानापूर्ति। Firozabad Sex Racket ने न सिर्फ आस्था को, बल्कि मोहल्ले की इज्जत को भी दांव पर लगा दिया।
ललित यादव का गंदा साम्राज्य: आस्था की आड़ में पाप
ललित यादव का नाम शिकोहाबाद में गूंज रहा है—मगर बदनामी की वजह से। मुहल्लेवासियों का आरोप है कि उसके कई होटल देह व्यापार के अड्डे बने हुए हैं। “पहले भी छापे पड़े, होटल सीज हुए, लेकिन कुछ दिन बाद फिर वही धंधा,”असली सवाल—ललित यादव कब पकड़ा जाएगा? Firozabad Sex Racket का ये गंदा खेल कब खत्म होगा? क्या ये छापा भी सिर्फ खबरों की सुर्खी बनकर रह जाएगा, या बालाजी की पवित्रता की रक्षा होगी?
