ऑपरेशन शील्ड से क्यों बौखलाया है पाकिस्तान? क्या भारत अब करेगा जंग का ऐलान?
🇮🇳 Operation Sindoor की वापसी? मॉक ड्रिल से पहले ही कांप उठा पाकिस्तान
आज शाम भारत के छह राज्यों—राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, गुजरात और चंडीगढ़—में ‘ऑपरेशन शील्ड‘ नाम की मॉक ड्रिल प्रस्तावित है। यह ड्रिल पहले 30 मई को होनी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे स्थगित कर आज 31 मई की शाम को रखा गया है।अब सवाल यह है कि आखिर मोदी सरकार इतनी गंभीरता से Mock Drill क्यों करवा रही है? क्या यह सिर्फ नागरिक सुरक्षा का अभ्यास है, या इसके पीछे कोई और गहरी रणनीति है? इस सवाल का जवाब हमें उस नाम से मिलता है जिसे सरकार बार-बार दोहरा रही है — Operation Sindoor।

🔥 ऑपरेशन सिंदूर: केवल प्रतीक नहीं, तैयारी का ट्रेलर!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही एक सभा में साफ कर चुके हैं कि “ऑपरेशन सिंदूर स्थगित हुआ है, समाप्त नहीं।” इस वाक्य ने देश-विदेश की सुरक्षा एजेंसियों और रणनीतिक विशेषज्ञों के कान खड़े कर दिए हैं।अब जब सीमावर्ती राज्यों में युद्ध जैसी मॉक ड्रिलें हो रही हैं, तो यह मानना तार्किक है कि भारत केवल आतंकी ठिकानों पर हमले नहीं, बल्कि सीधी जंग की योजना पर विचार कर रहा है।Operation Sindoor अब केवल एक कोडनेम नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा नीति का भविष्य बनता दिख रहा है।
🧠 ‘शील्ड’ के नाम पर भारत की असली ‘स्ट्राइक’ पॉलिसी
यदि यह अभ्यास केवल आपदा प्रबंधन के लिए होता, तो इसे बड़े शहरों या भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आयोजित किया जाता। लेकिन जब ये मॉक ड्रिल खासकर सीमावर्ती और सामरिक राज्यों में रखी जाती है, तो यह युद्ध पूर्व की तैयारी का इशारा देती है।क्या भारत अब पाकिस्तान के खिलाफ pre-emptive war की स्थिति में पहुंच चुका है? विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी सरकार अब ‘पहले मारो’ की नीति को औपचारिक रूप देने की दिशा में बढ़ रही है।
🧭 2024 के बाद भारत की सुरक्षा नीति में बदलाव?

तीसरी बार सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार की भाषा और रणनीति दोनों ही कहीं अधिक स्पष्ट और आक्रामक हो गई हैं। पाकिस्तान को अब केवल कूटनीतिक बयान नहीं, सीधे सैन्य जवाब का सामना करना पड़ सकता है।Operation Sindoor की वापसी की चर्चा और अब इन मॉक ड्रिल्स की टाइमिंग देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत अब केवल हमलों का जवाब नहीं देगा, बल्कि आक्रामक बढ़त लेने की दिशा में जा चुका है।
ऑपरेशन सिंदूर और मॉक ड्रिल: पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 हिंदू पर्यटकों की हत्या हुई, ने भारत-पाकिस्तान तनाव को चरम पर पहुंचा दिया। इसके जवाब में भारत ने 6-7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने 27 मई को गांधीनगर में कहा, “ऑपरेशन सिंदूर स्थगित हुआ है, खत्म नहीं।” इस बयान के बाद अब 31 मई को होने वाली मॉक ड्रिल ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी है। क्या यह ड्रिल ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की भूमिका है, या भारत सीधे जंग की तैयारी कर रहा है? सीमावर्ती राज्यों में यह अभ्यास पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दे रहा है कि भारत हर स्थिति के लिए तैयार है।
ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की अटकलें: क्या है भारत की रणनीति?

ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया। इसके बाद पाकिस्तान ने 300-400 ड्रोनों से जवाबी हमले की कोशिश की, लेकिन भारत के उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम ने इन्हें नाकाम कर दिया। 10 मई को दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ, लेकिन तनाव अब भी बरकरार है। पीएम मोदी के बयान और 31 मई की मॉक ड्रिल ने अटकलों को हवा दी है कि क्या भारत एक और सर्जिकल स्ट्राइक या ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की तैयारी में है? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भुज में कहा, “पाकिस्तान अपने आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
🎯 क्या अब जंग दूर नहीं?
आज शाम होने वाली यह मॉक ड्रिल सिर्फ एक अभ्यास नहीं बल्कि Operation Sindoor की दोबारा एंट्री की बुनियाद बन सकती है।पाकिस्तान को अब यह समझ लेना चाहिए कि भारत अब केवल सर्जिकल स्ट्राइक नहीं करेगा, बल्कि सीधी जंग के लिए तैयार है।भारत की ओर से लगातार दिए जा रहे सैन्य संकेतों को यदि हल्के में लिया गया, तो यह पाकिस्तान के लिए भारी पड़ सकता है। आज की मॉक ड्रिल आने वाले कल की सच्ची जंग का ट्रेलर हो सकती है।
