Iran: अली खामेनेई के बंकर में जाने की ख़बर
मध्य तेहरान में Iran के सुप्रीम लीडर के आधिकारिक आवास पर हमले के दावे ने देश की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतिबंधित विपक्षी संगठन People’s Mujahedin of Iran (MEK) ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के सरकारी आवास पर हमले का दावा किया है। हालांकि, इस घटना को लेकर अलग-अलग स्रोतों की जानकारी में अंतर देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 23 फरवरी को करीब 250 मुजाहिदों ने तेहरान के मध्य क्षेत्र में स्थित सुप्रीम लीडर के कार्यालय और आवास को निशाना बनाया। संगठन का दावा है कि बड़ी संख्या में उसके सदस्यों को Iran की सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि कुछ के मारे जाने की भी बात कही गई है।

वहीं, Iran की सरकारी समाचार एजेंसी Mehr News Agency ने केवल 4 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। आधिकारिक स्तर पर किसी बड़े हमले या भारी नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है।
अंडरग्राउंड बंकर में शिफ्ट होने की खबर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालिया तनाव के बीच अयातुल्ला अली खामेनेई कथित तौर पर अपने आधिकारिक आवास से सुरक्षित स्थान या बंकर में चले गए हैं। उनके आवास, जिसे ‘बेत-ए-रहबरी’ कहा जाता है, की देखरेख उनके बेटे मोजतबा खामेनेई कर रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
MEK का Iran से क्या संबंध है ?
People’s Mujahedin of Iran (MEK) की स्थापना 1965 में शाह शासन के विरोध में की गई थी। 1979 की इस्लामिक क्रांति में इस संगठन ने सक्रिय भूमिका निभाई, लेकिन बाद में सत्ता प्रतिष्ठान से मतभेद के चलते इसे प्रतिबंधित कर दिया गया।
साल 2002 में इसी संगठन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी जानकारियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर किया था, जिससे वैश्विक स्तर पर हलचल मच गई थी। वर्तमान में संगठन का नेतृत्व Maryam Rajavi कर रही हैं, जो ईरान में धर्मनिरपेक्ष शासन व्यवस्था की वकालत करती हैं।
Iran की राजनीति पर क्या असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये हमला सुनियोजित था, तो ये 1979 की क्रांति के बाद ईरान में सत्ता प्रतिष्ठान के खिलाफ सबसे बड़ा प्रतीकात्मक कदम माना जा सकता है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि और स्वतंत्र जांच के अभाव में कई दावे अभी भी अपुष्ट हैं।
ईरान में लंबे समय से विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध रहे हैं। ऐसे में इस तरह के हमले के दावे देश की आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता को लेकर नए सवाल खड़े करते हैं।
