हरियाणा स्कूलों में बेटियों की संख्या बढ़ी, ड्रॉपआउट घटा… सीएम सैनी ने लड़कियों के लिए चलाई विशेष योजनाएं. शिक्षा के लिए बढ़ाया बजट. बेटियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर जोर
Panchkula : बेटियों की शिक्षा किसी भी सशक्त और समावेशी समाज की आधारशिला होती है… Haryana में नायब सैनी सरकार ने इस सच्चाई को नीतियों और कार्यों के माध्यम से स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है. सरकार का मानना है कि जब बेटियां शिक्षित होंगी, तभी परिवार, समाज और प्रदेश प्रगति की राह पर तेजी से आगे बढ़ेगा. इसी सोच के साथ बेटियों की शिक्षा को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है.
सैनी सरकार की नीतियों का मकसद

Nayab Saini सरकार की नीतियों का मकसद ये सुनिश्चित करना है कि कोई भी बेटी आर्थिक, सामाजिक या भौगोलिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे. इसके लिए सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है. कक्षाओं की गुणवत्ता में सुधार किया गया है और शिक्षकों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया है. खासतौर पर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में स्कूलों तक आसान पहुंच और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं.
स्कूलों में बेटियों की संख्या बढ़ी, ड्रॉपआउट घटा
बेटियों की पढ़ाई में सरकार आर्थिक बाधाओं को कम करने के लिए छात्रवृत्ति, मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और बाकी दूसरी सुविधाएं प्रदान कर रही है. इन प्रयासों से न केवल स्कूलों में बेटियों की संख्या बढ़ी है, बल्कि ड्रॉपआउट दर में भी कमी आई है. नायब सैनी सरकार की नीति ये है कि बेटियां प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक बिना रुकावट अपनी पढ़ाई जारी रख सकें.
आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया

Digital World की जरूरतों को समझते हुए सरकार ने बेटियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर भी जोर दिया है. स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता ने बेटियों के लिए नए अवसर खोले हैं. इससे वे न सिर्फ क्लासरूम तक सीमित रहती हैं, बल्कि साइंस, टेक्लनोलोजी और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने का आत्मविश्वास हासिल कर रही हैं.
सशक्तिकरण का सबसे मजबूत माध्यम शिक्षा
बेटियों को लेकर Nayab Saini सरकार की नीतियां सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बेटियों का समग्र विकास करती हैं. उच्च शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जुड़ी पहलों के माध्यम से बेटियों को रोजगार के योग्य बनाया जा रहा है. साथ ही सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सख्त रुख अपनाकर ये मैसेज दिया जा रहा है कि शिक्षा ही बेटियों के सशक्तिकरण का सबसे मजबूत माध्यम है.
बेटियों की शिक्षा के लिए बढ़ाया बजट

बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नायब सैनी सरकार लगातार निवेश बढ़ा रही है… प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक, फीस सहायता, छात्रवृत्ति और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए लड़कियों को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में शिक्षा को बड़ा आवंटन दिया है…
* स्कूल शिक्षा विभाग: ₹17,848.70 करोड़
* उच्चतर शिक्षा विभाग: ₹3,874.09 करोड़
इसी के साथ हरियाणा सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 2025-26 में ₹1,372.10 करोड़ आवंटित किए, जो पिछले साल के ₹1,008.44 करोड़ से 36% ज्यादा है. यह विभाग लड़कियों/महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों जैसे बेटियों के लिए योजनाएं, पोषण, शिक्षा-सहायता आदि को लागू करता है.
लड़कियों के लिए चलाई विशेष योजनाएं
पहली – आपकी बेटी हमारी बेटी (APHB)
हरियाणा सरकार की योजना जिसके अंतर्गत
पहली लड़की जन्म पर LIC में ₹21,000 निवेश किया जाता है.
2023-24 में तकरीबन 4,60,347 बेटियों को यह लाभ मिला है.
इस योजना का मकसद बेटियों का जीवन स्तर, स्वास्थ्य और शिक्षा को सुदृढ़ करना है.
ये सालाना बजट में स्पष्ट “शिक्षा खर्च” नहीं, बल्कि एक वित्तीय सहायता है.
दूसरी – बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ (BBBP)
ये योजना लड़कियों की शिक्षा-समानता लक्ष्यों को बढ़ावा देती है… हरियाणा में इस पहल के तहत Girl Child Education, Retention, Attendance जैसी गतिविधियां और असीमित संसाधन खर्च किए जाते हैं.
प्रदेश के विकास में भागीदार बनेंगी बेटियां

हरियाणा की Nayab Singh Saini सरकार ये दर्शाती हैं कि बेटियों की शिक्षा केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक Long Term Vision है. यह विज़न एक ऐसे हरियाणा की कल्पना करती है जहां बेटियां समान अवसरों के साथ आगे बढ़ें और प्रदेश के विकास में बराबरी की भागीदार बनें. जब शिक्षा को प्राथमिकता मिलती है, तब बेटियां आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करती हैं और यही किसी भी सरकार की सबसे बड़ी सफलता होती है.
