New DGP’s Target. Haryana के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं। DGP, Ajay Singhal ने कहा कि IPS अधिकारी ओपी सिंह और आलोक राय उनके बैच के ही हैं। उन्होंने Central Government द्वारा हाल ही में लागू किए गए Three new criminal laws पर बात करते हुए कहा कि शुरुआत में इन्हें लागू करना चुनौतीपूर्ण लगा, लेकिन आज के समय के अपराधों को ध्यान में रखते हुए इन्हें अधिक सटीक और प्रभावी बनाया गया है। सामान्य अपराधों को भी कम्युनिटी सर्विस के माध्यम से समाज से जोड़ने की पहल सरकार ने की है।
उन्होंने कहा कि पुलिस के पास पहले से ही शिकायत निवारण की पूरी व्यवस्था है, जहां हर नागरिक की बात सुनी जाती है और कार्रवाई की जाती है। अब इस प्रक्रिया को और अधिक ऑटोमेटिक और पारदर्शी बनाया जाएगा। जनता से मिलने वाली फीडबैक को नियमित रूप से फॉर्मलाइज किया जाएगा।
9 पेजों पर लिखे आइडिया
डीजीपी सिंघल ने कहा कि वह पूर्व डीजीपी ओपी सिंह की तरह अच्छे वक्ता नहीं हैं, लेकिन अपना विजन बताने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम बेहद मुश्किल है। हमे पहले अपने क्लाइंट यानी क्रिमिनल को ढूंढना पड़ता है फिर एक्शन लेना पड़ता है। पुलिसिंग में पहले के मुकाबले बहुत बदलाव आया है। मोबाइल की वजह से बड़ा बदलाव आया क्रिमिनल भी स्मार्ट हो गए हैं इसलिए अब हम भी नई चुनौतियों से निपट रहे हैं अब एआई का ज़माना आ गया है। सिंघल ने बताया कि उन्होंने 9 पेजों पर अपने आइडिया लिखे हैं, जिन्हें वह पूरा करेंगे। साथ ही उन्होंने पहले से चल रहे ऑपरेशन चलते रहने के साथ ही कुछ नया करने की भी बात कही।
जारी रहेगा ट्रैकडाउन
डीजीपी सिंघल ने स्पष्ट किया कि क्राइम के खिलाफ ट्रैकडाउन लगातार जारी रहेगा। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने बताया कि महिलाओं को स्कूटी उपलब्ध करवाई गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। बच्चों के लिए पुलिस थानों में अलग से विशेष कक्ष बनाए गए हैं। उन्होंने 112 आपातकालीन सेवा योजना को और मजबूत करने की बात भी कही।
रेवाड़ी से है नाता
अजय सिंघल का रेवाड़ी जिले से गहरा नाता है। उनके पूर्वज करीब 300 वर्ष पहले राजस्थान से आकर रेवाड़ी में बसे थे। हालांकि वर्तमान में परिवार का कोई सदस्य रेवाड़ी में नहीं रहता। रेवाड़ी में उनका परिवार हरसोरिया फैमिली के नाम से जाना जाता है। डीजीपी बनने की घोषणा के बाद उन्होंने कहा, “हां, मैं रेवाड़ी से हूं। अपने ही प्रदेश में डीजीपी बनने की कोशिश तो हर अधिकारी करता है।”
शैक्षणिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि
अजय सिंघल आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक हैं। उनके पिता ओपी सिंघल मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में अधिकारी रहे। उनके एक चाचा गुजरात में रहते हैं, जहां उनकी फैक्ट्री है, जबकि दूसरे चाचा गुरुग्राम में रहते हैं। सिंघल हमेशा सुर्खियों से दूर रहे हैं। उनकी पत्नी शीना होम मेकर हैं। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है।
पुलिस सेवा में लंबा और प्रभावशाली अनुभव
अजय सिंघल ने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विजिलेंस, रेलवे पुलिस, सीआईडी, स्पेशल ब्रांच, साइबर अपराध और आंतरिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं। उन्हें वर्ष 2008 में पुलिस पदक और वर्ष 2017 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा वे केंद्र सरकार में वित्त मंत्रालय के अधीन डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
