भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड वार्ता पर सारी दुनिया की पैनी नजर… क्या भारत पर थोपा Extra Tariff हटाएंगे ट्रंप? क्या होगा ट्रंप का फैसला?
New Delhi : लंबे वक्त से भारत और अमेरिका के बीच Trade Deal पर बात अटकी हुई है. America की ओर से न केवल ट्रेड डील की बातचीत को बीच में रोक दिया गया, बल्कि भारत पर पहले 25% और फिर रूसी तेल खरीदने की वजह से 25% का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया. President Donald Trump ने भारत पर कुल 50% का भारी भरकम टैरिफ ठोक दिया. इसके बाद से Trade Deal को लेकर बात अटकी हुई है. अमेरिका की ओर से डील के लिए लगातार कड़ी शर्तें लगाई जा रही हैं. लेकिन अब India ने इसपर फाइनल प्रपोजल दे दिया है.
टैरिफ को घटाकर 15% करे अमेरिका

India चाहता है कि उस पर लगाए गए कुल 50% टैरिफ को घटाकर 15% किया जाए और Russia से कच्चा तेल खरीदने पर जो एक्स्ट्रा 25% पेनल्टी लगाई गई है, उसे पूरी तरह खत्म किया जाए. लंबे समय से दोनों देशों के बीच ट्रेड को लेकर चल रही खींचतान का अब इस वार्ता में समाधान निकलता नजर आ रहा है. नए साल में कोई ठोस फैसला निकलने की उम्मीद है. दोनों देशों के बीच एक Extensive Bilateral Trade समझौते पर बातचीत चल रही है. Commerce Secretary Rajesh Agarwal का कहना है कि समझौते पर जल्द सहमति बन सकती है. हालांकि उन्होंने कोई तय समय सीमा नहीं बताई है. इस हफ्ते India America की व्यापार टीमों के बीच दिल्ली में बैठक हुई… ये बातचीत दो मुद्दों पर हो रही है.
पहला – दोनों देशों के बीच एक बड़ा और स्थायी व्यापार समझौता.
दूसरा – अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ को हटाने या कम करने पर.
अब ये जानना भी ज़रूरी है कि अमेरिका भारत का प्रस्ताव मान लेता है तो क्या होगा? और अगर नहीं मानता तो क्या होगा?
अमेरिका ने माना भारत का प्रस्ताव तो?
- अमेरिका में भारतीय सामान सस्ता होगा, जिससे वहां हमारा Export बढ़ेगा.
- भारतीय कंपनियों को फायदा होगा, ज्यादा Order मिलेंगे और रोजगार के मौके बढ़ेंगे.
- भारत में Dollar ज्यादा आएगा, जिससे Economy को मजबूती मिलेगी.
- भारत बिना डर के Russia से सस्ता तेल खरीद सकेगा, Fuel के दाम काबू में रहेंगे.
- दोनों देशों के Relations और बेहतर होंगे और आगे Trade Deal आसान हो जाएगी.
अमेरिका नहीं मानता भारत का प्रस्ताव तो?

- भारतीय सामान अमेरिका में महंगे रहेंगे, जिससे हमारी Sale घट सकती है.
- कुछ इंडस्ट्रीज़ पर दबाव पड़ेगा, Profit घटेगा, नौकरियों पर असर पड़ेगा.
- रूस से तेल खरीदना महंगा या मुश्किल हो सकता है, Fuel के दाम बढ़ सकते हैं.
- दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है और Trade समझौते में देरी हो सकती है.
भारत पर क्यों लगी 25% की एक्स्ट्रा पेनल्टी?
- अमेरिका ने भारत पर कुल 50% Tariff लगाया है.
- इसमें से 25% को अमेरिका ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ कहता है.
- 25% टैरिफ Russian Oil खरीदने की वजह से लगाया है.
अमेरिका का दावा है कि इससे रूस को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है… वहीं भारत का कहना है कि अमेरिका की ओर से थोपी गई पेनल्टी गलत है और इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए.
दूसरे देशों के बराबर मिले राहत

अब India की कोशिश है कि बचे हुए 25% टैरिफ को भी घटाकर 15% किया जाए, ताकि हमें भी वही राहत मिल सके जो European Union को मिल रही है… अगर टैरिफ इससे ज्यादा रहा तो Indian Exporters को दूसरे देशों के मुकाबले नुकसान होगा. For Example इंडोनेशिया पर पहले 32% अमेरिकी टैरिफ था… जिसे घटाकर 19% कर दिया गया. India का साफ कहना है कि उसे भी दूसरे देशों के बराबर राहत मिलनी चाहिए.
भारत का दो टूक संदेश
भारत ने America को दो टूक शब्दों में संदेश दिया है कि Russian Oil पर लगी पेनल्टी खत्म की जाए और Total Tariff को कम करके 15% किया जाए. अब गेंद अमेरिका के पाले में है और आखिरी फैसला भी उसी को लेना है जिसके चलते सबकी नजरें American President Donald Trump के फैसले पर टिकी हैं.
