Bangladesh में एक महीने तक नहीं मिलेंगे Condom, हिंसा और फंड संकट के बीच क्यों गहराया परिवार नियोजन का खतरा ?
Bangladesh’s condom crisis Update
बांग्लादेश इस समय गंभीर सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों से गुजर रहा है। देश में फैली हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच अब एक नई चिंता ने सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश में अगले साल की शुरुआत में कम से कम एक महीने तक Condom की सप्लाई पूरी तरह ठप हो सकती है। ये संकट ऐसे वक्त में सामने आया है, जब Bangladesh में जन्म दर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
स्थानीय अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट बताती है कि फंड की कमी और स्टाफ की भारी कमी के चलते बांग्लादेश में कॉन्डम का मौजूदा स्टॉक केवल 38 दिनों का ही बचा है। अधिकारियों का कहना है कि इसके बाद सप्लाई चेन टूट जाएगी और कम से कम एक महीने तक Condom उपलब्ध नहीं हो पाएंगे।
Bangladesh में बढ़ती हिंसा से हालात बिगड़े
छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में फैली हिंसा और राजनीतिक उथल-पुथल ने पहले ही सरकारी कामकाज को प्रभावित किया है। ऐसे माहौल में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सीधा असर पड़ा है। परिवार नियोजन कार्यक्रम, जो लंबे समय से Bangladesh की जनसंख्या नीति का अहम हिस्सा रहा है, अब गंभीर संकट में फंसता नजर आ रहा है।
बढ़ती जन्म दर ने बढ़ाया खतरा
Condom संकट इसलिए भी ज्यादा चिंता का विषय बन गया है क्योंकि बांग्लादेश में करीब 50 साल बाद पहली बार कुल प्रजनन दर (TFR) में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मल्टीपल इंडिकेटर क्लस्टर सर्वे 2025 के अनुसार, देश की TFR बढ़कर 2.4 हो गई है, जो पिछले साल 2.3 थी। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भनिरोधक साधनों की कमी से अनियोजित गर्भधारण के मामले बढ़ सकते हैं, जिससे जनसंख्या नियंत्रण के प्रयासों को बड़ा झटका लग सकता है।

छह साल में 57% घटी Condom सप्लाई
बांग्लादेश में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फैमिली प्लानिंग (DGFP) के तहत लोगों को मुफ्त में गर्भनिरोधक साधन उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें Condom, गर्भनिरोधक गोलियां, IUD, इंजेक्शन और इम्प्लांट शामिल हैं। लेकिन राष्ट्रीय गर्भनिरोधक सारांश रिपोर्ट के अनुसार, बीते छह वर्षों में सिर्फ Condom की सप्लाई में ही 57 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। आंकड़ों के मुताबिक, गर्भनिरोधक गोलियों की सप्लाई 63%, IUD की उपलब्धता 64%, इंजेक्शन 41% और इम्प्लांट की सप्लाई 37% तक घट चुकी है।
कानूनी अड़चनें और स्टाफ की कमी
DGFP के लॉजिस्टिक्स और सप्लाई यूनिट के अनुसार, कुछ गर्भनिरोधक साधनों की आपूर्ति कानूनी विवाद सुलझने के बाद बहाल हो सकती है। हालांकि, उन्होंने ये भी साफ किया कि Bangladesh में Condom की कमी फिलहाल तय है और लोगों को कम से कम एक महीने तक परेशानी झेलनी पड़ेगी।
इसके अलावा, फील्ड लेवल कर्मचारियों की भारी कमी ने हालात को और खराब कर दिया है। कानूनी पेंच की वजह से नई भर्तियां रुकी हुई हैं, जबकि यही कर्मचारी घर-घर जाकर Condom और अन्य गर्भनिरोधक साधन वितरित करते हैं।
कुल मिलाकर, बांग्लादेश में हिंसा, फंड संकट और प्रशासनिक अड़चनों के बीच Condom की कमी एक बड़े सामाजिक संकट का रूप ले सकती है। अगर समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो ये समस्या देश की बढ़ती जनसंख्या और स्वास्थ्य व्यवस्था पर लंबे समय तक असर डाल सकती है।
