दीपू दास और अमृत मंडल की भययानक मौत के बाद Bangladeshi Hindus में दहशत है… Border खोलने की लगा रहे गुहार. तारिक रहमान की वापसी से हालात बिगड़ने की आशंका. अब सिर्फ PM Modi से रक्षा की उम्मीद
New Delhi: Bangladesh में दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल की लिंचिंग के बाद भयानक तरीके से मौत से हिंदुओ में दहशत है. वहां फंसे और सताए जा रहे हिंदू, भीड़ के आतंक से बचने के लिए भारत से Border खोलने की गुहार लगा रहे हैं. वे जीन बचाने के लिए मोदी सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं. वहीं अब तो BNP के नेता तारिक रहमान के वापस आ जाने से माहौल और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है. Tarique Rahman को वहां का कट्टरपंथी नेता माना जाता है।
हिंदुओं के बड़े वर्ग से किया संपर्क

खबरों की मानें तो India ने रंगपुर, चटगांव, ढाका और मयमनसिंह में रहने वाले हिंदुओं के एक बड़े वर्ग से संपर्क किया है और निर्वासित बांग्लादेश सनातन जागरण मचा नेता निहार हलदर की मदद से Whatsapp Call पर उनसे बात की, जिन पर पूर्व इस्कॉन भिक्षु चिन्मय कृष्ण दास के साथ राजद्रोह का आरोप है।
दीपू और अमृत का हाल देख डरे हिंदू
रंगपुर के रहने वाले लोगों ने भारतीय मीडिया को बताया कि “हमें अपने धर्म के कारण लगातार अपमान झेलना पड़ता है. लेकिन बार-बार होने वाले इस अपमान पर हम कुछ कह नहीं पाते. सड़क पर चलते समय हमें जो ताने सुनने पड़ रहे हैं वो जल्द ही भीड़ को हमारी हत्या के लिए उकसा सकती है”.
भारत भागने के अलावा कोई रास्ता नहीं

Bangladesh में रह रहे हिंदुओं का कहना है कि “हम अपमान सहते हैं क्योंकि हमें डर है कि कहीं हमारा भी वही हाल न हो जो Deepu या Amrit का हुआ था. अगर फरवरी में चुनाव होते हैं और BNP सत्ता में आती है तो ये सबसे बड़ी चिंता बन जाएगी, क्योंकि इस पार्टी को अल्पसंख्यकों का शत्रु माना जाता है. हम बेबस हैं… हमारे पास अब भारत भाग कर जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है, लेकिन सीमाओं पर कड़ी निगरानी है और बॉर्डर बंद हैंं”.
तारीक रहमान की वापसी ने बढ़ाई चिंता
Dhaka के एक हिंदू परिवार ने बताया कि अगर Deepu Dass की पीट-पीटकर हत्या ने डर पैदा किया है, तो पूर्व राष्ट्रपति खालिदा जिया के बेटे Tarique Rahman की बांग्लादेश वापसी ने उन्हें चिंता में डाल दिया है. क्योंकि अगर BNP सत्ता में आती है, तो उन्हे और ज्यादा उत्पीड़न का सामना करना पड़ सकता है. Sheikh Hasina की अवामी लीग ही हमारी एकमात्र रक्षक थी.
बांग्लादेश के हिंदूओं को सिर्फ भारत पर भरोसा

बांग्लादेश की राजनीति पर नजर रखने वाले जानकारों की मानें तो इस वक्त Bangladesh के संकट में बांग्लादेशी हिंदुओं की सिर्फ भारत ही मदद कर सकता है. वो लोग सिर्फ भारत पर ही भरोसा कर सकते हैं. तो वहीं कुछ जानकारों का कहना है कि भले ही और भी हिंदू मारे जाएंगे, फिलहाल भारत की सीमाएं बंद रहेंगी. लिहाज़ा अब बांग्लादेशी हिंदू Border पर विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं.
हम नरसंहार की ओर बढ़ रहे हैं…
Bangladesh में हिंदुओं से जुड़े एक संगठन ने बताया कि बांग्लादेश में इस वक्त 2.5 करोड़ हिंदू हैं… ये कोई छोटी मोटी संख्या नहीं है. India में हिंदू संगठन सिर्फ दिखावे की बातें कर रहे हैं, लेकिन हम जानते हैंं कि हम एक नरसंहार की ओर बढ़ रहे हैं. उनका कहना है कि ऐसा नहीं है कि सीमाएं खुलने के बाद हिंदुओं का पलायन होगा, कम से कम हम हिंसा से तो बच जाएंगे.
बुरे सपने जैसी जिंदगी जी रहे हैं…
Dhaka के एक हिंदू परिवार ने बताया कि इस वक्त देश में जो हालात हैं, वो किसी बुरे सपने जैसे हैं… ऐसा लग रहा है जैसे हम सबसे बुरी जिंदगी जी रहे हैं. Indian Border खुलने से कम से कम डरे सहमे लोगों को एक सुरक्षित रास्ता तो मिल ही जाएगा. इसी वजह से लगातार भारत सरकार और मोदी सरकार से सीमाएं खोलने के लिए गुहार लगाई जा रही है.
