Epstein Files से खुल रहे बड़े राज़ !
Epstein Files Update
अमेरिका में कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामले में एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने इस जांच से संबंधित करीब 30,000 पन्नों के दस्तावेज और दर्जनों वीडियो क्लिप सार्वजनिक किए हैं। इन दस्तावेजों (Epstein Files) में कई पुराने ईमेल, उड़ान रिकॉर्ड और जांच से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं, जिनमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम भी सामने आया है।
एपस्टीन से थे ट्रंप के गहरे संबंध
न्याय विभाग द्वारा जारी फाइलों के अनुसार, 7 जनवरी 2020 की एक ईमेल में दावा किया गया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 1993 से 1996 के बीच जेफ्री एपस्टीन के निजी जेट से कम से कम आठ बार यात्रा की थी। ये ईमेल “RE: Epstein flight records” विषय के तहत भेजी गई थी। हालांकि, ईमेल भेजने और प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की पहचान गोपनीय रखी गई है, लेकिन इसमें न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट से जुड़े एक असिस्टेंट यूएस अटॉर्नी का संदर्भ मौजूद है।
दस्तावेजों के अनुसार, इन आठ उड़ानों में से चार में घिस्लेन मैक्सवेल भी मौजूद थीं। मैक्सवेल को बाद में मानव तस्करी और नाबालिगों के शोषण से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया था। कुछ उड़ानों में ट्रंप के साथ उनकी तत्कालीन पत्नी मार्ला मैपल्स, बेटी टिफनी ट्रंप और बेटे एरिक ट्रंप के नाम भी दर्ज हैं।

एक विशेष उड़ान का जिक्र करते हुए दस्तावेज बताते हैं कि 1993 की एक फ्लाइट में केवल डोनाल्ड ट्रंप और जेफ्री एपस्टीन ही यात्री थे। वहीं एक अन्य उड़ान में ट्रंप, एपस्टीन और एक 20 वर्षीय युवक (जिसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया) शामिल थे। दो अन्य उड़ानों में कुछ ऐसी महिलाओं का भी उल्लेख है, जो बाद में मैक्सवेल केस की संभावित गवाह मानी गईं।
हालांकि, इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होते ही अमेरिकी न्याय विभाग ने स्पष्ट किया कि ट्रंप पर किसी भी प्रकार की आपराधिक संलिप्तता का आरोप नहीं लगाया गया है। विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा कि इन फाइलों में शामिल कुछ दावे झूठे और सनसनीखेज हैं। DOJ के अनुसार, यदि इन आरोपों में कोई सच्चाई होती, तो अब तक इन्हें ट्रंप के खिलाफ कानूनी या राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया जा चुका होता।
Epstein Files से जुड़े गोपनीय दस्तावेज ब्लैकआउट
न्याय विभाग द्वारा जारी की गई कई फाइलों में संवेदनशील और गोपनीय जानकारी को ब्लैकआउट यानी रेडैक्ट किया गया है। इनमें से कुछ वीडियो कथित तौर पर जेल के अंदर रिकॉर्ड किए गए थे। गौरतलब है कि जेफ्री एपस्टीन की वर्ष 2019 में न्यूयॉर्क की एक जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया।
ये दस्तावेजी खुलासा ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित एक नए पारदर्शिता कानून के तहत एपस्टीन से जुड़ी सभी फाइलों को सार्वजनिक करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे पहले भी जारी की गई कई फाइलें भारी रूप से रेडैक्टेड थीं, जिससे राजनीतिक हलकों में असंतोष देखने को मिला था। उन फाइलों में पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से जुड़ी तस्वीरें और 1996 की एक आपराधिक शिकायत का विवरण भी शामिल था।
कुल मिलाकर, एपस्टीन मामले से जुड़े ये नए दस्तावेज अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर रहे हैं। हालांकि, फिलहाल डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ किसी भी तरह का औपचारिक आरोप सामने नहीं आया है, लेकिन ये मामला पारदर्शिता, राजनीति और न्याय व्यवस्था को लेकर कई सवाल जरूर खड़े करता है।
