पिता ने लगवाया Railway में Clerk, लेकिन धर्मेंद्र तो Hero बनना चाहते थे… कैसे Dream Girl के प्यार में सारी दुनिया से की बगावत? Pura Safarnama
वो कौन है जिसे बॉलीवुड में He-Man के नाम से पुकारा गया?
बॉलीवुड में कौन सबसे पहले बॉडी बिल्डिंग का कल्चर लेकर आया?
वो कौन है जिसने सबसे पहले फिल्मी पर्दे पर शर्ट उतारी थी?
नए-नए लड़कों को बॉडी दिखाने के लिए किसने प्रेरित किया?
दमदार डॉयलॉग, धमाकेदार एक्शन से किसने बॉलीवुड को दी नई दिशा?
इस तरह के तमाम सवाल हैं… लेकिन जवाब सिर्फ एक… Dharmendra.

Mumbai : आज के इस खास शो में हम बात करने जा रहे हैं गरम धरम यानि सुपरस्टार धर्मेंद्र की. जट्ट सिख परिवार से आने वाले धरम पाजी का जन्म 8 दिसंबर 1935 पंजाब के लुधियाना जिले के नसराली गांव में हुआ था. इनका पूरा नाम धर्मेंद्र सिंह देओल है. पिता किशन देओल एक स्कूल में मास्टर थे और मां सतवंत कौर एक हाउस वाइफ. बताया जाता है कि Dharmendra के जन्म के बाद ही उनका परिवार लुधियाना के साहनेवाल गांव में आकर बस गया था… इसी वजह से धर्मेंद्र का साहनेवाल से गहरा नाता रहा है. धरम पाजी की शुरुआती एजुकेशन उसी स्कूल में हुई जहां पिता जी मास्टर हुआ करते थे. स्कूल से लेकर घर तक सख्ती का माहौल था. कहते हैं Dharmendra के पिता सबसे ज्यादा पिटाई भी उन्ही की किया करते थे. दरअसल धर्मेंद्र के पिता चाहते थे कि वो पढ़ लिख कर बड़े अफसर बनें, लेकिन पढ़ाई उनके दिमाग में घुसती नहीं थी. वो शुरू से ही पढ़ाई में कमज़ोर थे. लेकिन सपने फिल्मों में हीरो बनने के देखते थे.
पिता सख्त तो मां बिलकुल नरम

जैसे-तैसे Dharmendra ने फगवाड़ा के रामगढ़िया कॉलेज से मैट्रिक तो पास कर ली, लेकिन इससे आगे वो पढ़ ना सके. उनके सिर पर फिल्मों में काम करने का जुनून सवार था. जहां उनके पिता जी फिल्मों के सख्त खिलाफ थे तो वहीं Dharmendra अक्सर क्लास बंक करके फिल्में देखने भाग जाया करते थे. फिल्में देखने के चक्कर में अक्सर पिटाई भी खूब होती थी. धर्मेंद्र के पिता बेशक सख्त मिजाज़ थे लेकिन उनकी मां उन्हे बहुत प्यार करती थीं. वो हमेशा एक दोस्त की तरह Dharmendra की बात सुनती थीं और उनका साथ देती थीं.
रेलवे में नौकरी और शादी

एक इंटरव्यू में खुद धरम पाजी ने बताया था कि जब उन्होने पढ़ाई छोड़ दी थी तो उनके पिता जी उनके भविष्य को लेकर काफी परेशान हो गए थे. वो समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर ये लड़का क्या करना चाहता है? क्या बनना चाहता है? इसी दौरान रेलवे में क्लर्क की नौकरियां निकलीं तो Dharmendra के पिता ने भी उन्हे रेलवे में लगवाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए. आखिरकार मेहनत रंग लाई और धर्मेंद्र को रेलवे में 125 रुपये महीने की नौकरी मिल गई. बेटे की नौकरी लगी तो माता-पिता ने शादी भी जल्दी करवा दी. धर्मेंद्र महज़ 19 साल के थे जब प्रकाश कौर के साथ उनकी शादी करवा दी गई थी. Dharmendra के परिवारवालों को लगने लगा था कि अब उनका फिल्मों में जाने का भूत उतर जाएगा. लेकिन फिल्मों में काम करने का जुनून धरम पाजी पर तब भी हावी रहा. वो फिल्मों में काम करने के लिए Bombay जाना चाहते थे.
मां के कहने पर लिखी एप्लीकेशन

Dharmendra के फिल्मी जुनून को देखते हुए एक बार उनकी मां ने कहा कि जब फिल्मों में काम करने का इतना ही मन है तो बंबई वालों को एक एप्लीकेशन ही लिख दो. बस ये बात Dharmendra के मन में चुंबक की तरह चिपक गई. अब वो ये सोचने लगे कि आखिर किसे एप्लिकेशन लिखें कि उनका सपना पूरा हो जाए. वो इसी कशमकश में थे कि एक दिन अखबार में उन्होने एक इश्तिहार देखा जिसमें लिखा था कि बिमल रॉय और गुरू दत्त देशभर में उभरते कलाकारों की तलाश कर रहे हैं. बस फिर क्या था… Dharmendra तो ऐसे ही किसी मौके की तलाश में थे. Filmfare के उस विज्ञापन में कहा गया था कि अप्लाई करने वाले को अपने कुछ फोटोग्राफ्स भी साथ में भेजने होंगे. इसके लिए धर्मेंद्र तुरंत मलेरकोटला गए और जान मोहम्मद नाम के एक फोटोग्राफर से अपना बढ़िया सा फोटोशूट करवाया. इसके बाद Dharmendra ने अपने वो फोटोज़ और एप्लीकेशन Film Fare Talent Hunt के लिए भेज दी.
51 रुपये में साइन की पहली फिल्म

कुछ दिन के इंतज़ार के बाद Dharmendra को वो खबर मिली जिसका वो सालों से इंतज़ार कर रहे थे. फिल्म फेयर टैलेंट हंट ने धर्मेंद्र को सिलेक्ट करते हुए बतौर विजेता एक फिल्म का ऑफर दिया और बंबई आने को कहा. हालांकि वो फिल्म कभी बन नहीं पाई. लेकिन तब तक बंबई आ चुके Dharmendra फिल्म डायरेक्टर अर्जुन हिंगोरानी की नज़रों में चढ़ चुके थे. हिंगोरानी धर्मेंद्र से इतने प्रभावित थे कि उन्होने 51 रुपये साइनिंग अमाउंट देकर अपनी फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ के लिए बतौर हीरो साइन कर लिया था. 1960 में रिलीज़ हुई इस फिल्म में Dharmendra के साथ कुमकुम ने काम किया था. लेकिन ये फिल्म Box Office पर औंधे मुंह गिर पड़ी और धर्मेंद्र का संघर्ष चलता रहा. लेकिन अपने संघर्ष के दिनों में उन्हे तब तक फिल्म इंडस्ट्री में अपने पैर जमा चुके Actor Manoj Kumar का साथ मिला. दोनों में गहरी दोस्ती हो गई और जूहू में एक ही रूम में साथ रहने लगे.
‘फूल और पत्थर’ से बदली किस्मत

दो साल बाद 1962 में वो फिल्म आई जिसने Dharmendra की किस्मत बदल दी… फिल्म का नाम था ‘अनपढ़’. धर्मेंद्र का काम सबको पसंद आया. इसके बाद उन्होने और भी 3-4 फिल्मों में काम किया जिससे थोड़ी बहुत पहचान मिलने लगी थी. लेकिन स्टारडम मिलना अभी बाकि था. वो मिला उन्हे चार साल बाद, 1966 में आई फिल्म ‘फूल और पत्थर’ से. इस फिल्म में Dharmendra ने पहली बार Action Hero का रोल प्ले किया था. इसके बाद तो धर्मेंद्र बॉलीवुड में एक्शन हीरो के रूप में अपने पैर जमा चुके थे. हर फिल्म में वो खुद ही एक्शन सीन करते थे. उन्होने शुरुआती दिनों में कभी भी Body Double का इस्तेमाल नहीं किया था. दिलेर इतने थे कि साल 1976 में आई एक फिल्म में असली टाइगर से भी भिड़ गए थे.
300 फिल्में, 70 से ज्यादा हीरोइन

Dharmendra की एक्शन फिल्में दर्शकों को खूब पसंद आने लगी थीं. इससे एक साल पहले आई फिल्म Sholey ने ऐसा गदर काटा था कि उसके सीन और डॉयलॉग आज भी हूबहू ज़ेहन में ताज़ा रहते हैं. इस फिल्म में Dharmendra ने एक्शन के साथ-साथ रोमांस और कॉमेडी का तड़का भी खूब लगाया था. फिल्म में Jai Veeru का किरदार इतना फेमस हुआ कि आज भी दोस्ती की मिसाल उनके नाम से दी जाती है. फिल्म का दूसरा गाना – कोई हसीना जब रूठ जाती है तो और भी हसीन हो जाती है. इसमें Dharmendra और हेमा के प्यार की गाड़ी ऐसी दौड़ पड़ी कि फिर किसी के रोके ना रुकी. ‘मेरा नाम जोकर’ से लेकर ‘सत्यकाम’ तक और ‘फरिश्ते’ से लेकर ‘यादों की बारात’ तक… धर्मेंद्र ने हर तरह के रोल से दर्शकों के दिलों पर अपनी गहरी छाप छोड़ी. कुछ ही सालों में Dharmendra फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा नाम बन चुके थे. एक समय ऐसा भी था जब खूबसूरत हीरोइनें उनके साथ काम करने के लिए कतार में खड़ी होती थीं. अपने पांच दशक से भी ज्यादा लंबे करियर में सुपरस्टार Dharmendra ने 300 से ज्यादा फिल्मों में अपने ज़माने की करीब 70 से ज्यादा अभिनेत्रियों के साथ रोमांस किया है… लेकिन धर्मेंद्र के साथ हेमा मालिनी की जोड़ी को दर्शकों से सबसे ज्यादा पसंद किया.
शोले से मिली ड्रीम गर्ल

उस समय पूरा देश ‘ड्रीम गर्ल’ Hema Malini की खूबसूरती का कायल था, लेकिन डीम गर्ल तो Dharmendra के प्यार की डोर में बंध चुकी थीं. इस खूबसूरत जोड़ी ने करीब 28 फिल्मों में एक साथ काम किया. रील लाइफ में Love Birds का किरदार निभाते-निभाते रियल लाइफ में दोनों एक दूसरे को अपना दिल दे चुके थे. दोनों का सारा वक्त एक दूसरे के साथ ही गुज़रता था. दोनों के बीच प्यार का अंकुर फूट चुका था. लेकिन दोनों के एक हो जाने में Dharmendra की पहली शादी सबसे बड़ी रुकावट थी. धर्मेंद्र ये फैसला कर चुके थे -अब चाहे सर फूटे या माथा – शादी तो हेमा से करके ही रहेंगे. और आखिरकार साल 1980 में घर परिवार समाज की परवाह किए बगैर ये प्रेमी जोड़ा शादी के बंधन में बंध गया.
हेमा पर लगा घर तोड़ने के आरोप

हालांकि धर्म बदलकर जैसे-तैसे दोनों की शादी तो हो गई लेकिन विवादों ने Dharmendra और Hema Malini का पीछा नहीं छोड़ा. एक तरफ हेमा मालिनी पर एक शादीशुदा धरम जी का घर तोड़ने के आरोप लगे तो वहीं Dharmendra को धोखेबाज़ तक कहा जाने लगा. मगर धरम जी और हेमा समाज की परवाह किए बगैर एक दूजे के साथ मज़बूती से खड़े रहे. इस शादी को लेकर भड़के शोले वक्त के साथ-साथ शांत होते गए. Dharmendra और Hema Malini की दो बेटियां हुईं. ईशा और अहाना… और इसके साथ धर्मेंद्र 6 बच्चों के पिता बन चुके थे.
सनी-बॉबी को किया लॉन्च

साल 1983 में सुपरस्टार Dharmendra ने विजेता नाम से एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी शुरू की और अपने बड़े बेटे अजय सिंह देओल यानि सनी देओल को लॉन्च कर दिया. Sunny Deol की पहली फिल्म थी ‘बेताब’ जो ज़बरदस्त हिट रही… पहली ही फिल्म से सनी देओल स्टार बन चुके थे. वो दौर ऐसा था जब दोनों बाप बेटे फिल्मों में पूरी तरह एक्टिव थे. दोनों को एक ही हीरोइन के साथ अलग-अलग फिल्मों में रोमांस करते भी देखा जाता था. सनी की पहली फिल्म के लगभग दस साल बाद Dharmendra ने अपने छोटे बेटे Bobby Deol को भी फिल्म ‘बरसात’ के साथ बॉलीवुड में लॉन्च कर दिया. ये फिल्म भी सुपरहिट रही. धर्मेंद्र ने ना सिर्फ अपने दोनों बेटों बल्कि अपने छोटे भाई अजीत के बेटे Abhay Deol को भी फिल्म ‘सोचा ना था’ के ज़रिए लॉन्च किया था. इसी नक्शेकदम पर चलते हुए Dharmendra–Hema की बेटी ईशा देओल ने भी फिल्मों में कदम रखा लेकिन वो कुछ खास नहीं कर पाईं और आगे चलकर एक बिज़नसमैन के साथ शादी करके सैटल हो गईं.
बीजेपी के टिकट पर लड़ा चुनाव

एक दौर ऐसा भी आया था जब धरम जी ने BJP के टिकट पर राजस्थान के बीकानेर से चुनाव लड़ा और जीते भी थे. हालांकि एक अभिनेता का राजनीति में कम ही इंट्रस्ट होता है लिहाज़ा जल्द ही उनका भी सियासत से मोह भंग हो गया. ऐसा ही कुछ उनके बेटे Sunny Deol के साथ भी हुआ जब उन्होने बीजेपी के टिकट पर पंजाब के गुरदासपुर से चुनाव लड़कर संसद तक का रास्ता बनाया, और जल्द ही किनारा भी कर लिया. लेकिन Dharmendra की दूसरी पत्नी Hema Malini आज भी बीजेपी की एक्टिव मेंबर हैं और वो यूपी के मथुरा से दो बार सांसद चुनी जा चुकी हैं.
आज भी वही दीवानगी बरकरार

बदलते वक्त और ढलती उम्र के साथ-साथ Dharmendra ने खुद को कैरेक्टर रोल की तरफ ले जाना शुरू कर दिया… 88 साल की उम्र में भी वो आजकल की फिल्मों में दादा का रोल निभाते हुए दर्शकों को अपना दीवाना बना रहे हैं. Dharmendra अपने दोनों बेटों के साथ ‘यमला पगला दीवाना’ जैसी फिल्म में कॉमेडी करते दिखे तो वहीं ‘अपने’ जैसी इमोशनल ड्रामा फिल्म में दर्शकों को रुलाते भी दिखे. आपको ये जान कर हैरानी होगी कि छह दशक से भी ज्यादा वक्त से हिंदी सिनेमा जगत को गुलज़ार करने वाले Dharmendra को कभी फिल्म इंडस्ट्री की तरफ से कोई अवॉर्ड नहीं दिया गया. लेकिन 2012 में धर्मेंद्र को भारत सरकार ने देश के सबसे बड़े तीसरे अवॉर्ड पद्मभूषण से सम्मानित किया था. धरम जी कहते हैं ये अवॉर्ड मेरे लिए कोई मायने नहीं रखते, मेरे लिए लोगों के दिलों में जो जगह है वही मेरा सबसे बड़ा अवॉर्ड है. हम दुआ करते हैं कि 89 साल के हो चुके बॉलीवुड के पहले He-Man Dharmendra इसी तरह अपने दर्शकों से जुड़े रहें और उनपर अपना प्यार लुटाते रहें.
