UAE के राष्ट्रपति और PM मोदी की ऐतिहासिक मुलाकात !
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान (Sheikh Mohammed bin Zayed Al Nahyan) के बीच दिल्ली में हुई द्विपक्षीय वार्ता भले ही समय में छोटी रही हो, लेकिन इसके नतीजे रणनीतिक रूप से बेहद अहम रहे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस दौरे को “संक्षिप्त लेकिन अत्यंत ठोस” बताया। करीब तीन घंटे की बातचीत में दोनों देशों के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, निवेश, खाद्य सुरक्षा और आतंकवाद विरोध जैसे क्षेत्रों में कई बड़े फैसले लिए गए।
UAE के साथ रणनीतिक रक्षा, सुरक्षा सहयोग पर जोर
भारत और UAE ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। दोनों देशों ने सामरिक रक्षा सहयोग के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार करने हेतु आशय पत्र (Letter of Intent) पर हस्ताक्षर किए। इससे भविष्य में संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा तकनीक और सुरक्षा सहयोग को नई गति मिलेगी। साथ ही, सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने पर भी सहमति बनी।

अंतरिक्ष और अत्याधुनिक तकनीक में साझेदारी
अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत और UAE के बीच सहयोग एक नए स्तर पर पहुंचा है। दोनों देशों ने दो लॉन्च सुविधाओं और सैटेलाइट निर्माण से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास पर सहमति जताई। ये साझेदारी न केवल तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाएगी, बल्कि वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में दोनों देशों की स्थिति को भी मजबूत करेगी।
ऊर्जा सुरक्षा और LNG आपूर्ति
ऊर्जा क्षेत्र में UAE अब भारत का एक प्रमुख और भरोसेमंद साझेदार बनकर उभरा है। समझौते के तहत UAE हर साल भारत को 0.5 मिलियन मीट्रिक टन LNG की आपूर्ति करेगा। इसके साथ ही UAE भारत का दूसरा सबसे बड़ा LNG आपूर्तिकर्ता बन गया है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
निवेश, फूड सिक्योरिटी और नई अर्थव्यवस्था
आर्थिक सहयोग को बढ़ाते हुए UAE गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र के विकास में भागीदारी करेगा। खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में हुए समझौते से भारतीय किसानों को नए अवसर मिलेंगे और UAE की खाद्य जरूरतें भी सुरक्षित होंगी। इसके अलावा, UAE भारत में डेटा सेंटर, सुपर कंप्यूटिंग क्लस्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश करेगा। ‘डेटा एंबेसी’ की अवधारणा पर भी दोनों देशों ने मिलकर काम करने का फैसला लिया है।

UAE के साथ न्यूक्लियर एनर्जी,भविष्य की साझेदारी
दोनों देशों ने नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने पर सहमति जताई। ये कदम स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों की दिशा में भारत-UAE संबंधों को और गहरा करेगा।
सांस्कृतिक जुड़ाव और क्षेत्रीय शांति
UAE में रहने वाले करीब 45 लाख भारतीयों के लिए अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ की स्थापना की जाएगी, जो साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक होगा। इसके साथ ही पश्चिम एशिया और अफ्रीका में शांति, सुरक्षा और समृद्धि के समर्थन पर भी दोनों नेताओं के विचार एक जैसे रहे। युवाओं के आदान-प्रदान और निर्यात बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
भारत-UAE संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत
ये दौरा भारत-UAE संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत है। रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, तकनीक और संस्कृति के क्षेत्र में हुए समझौते दोनों देशों को रणनीतिक साझेदार के रूप में और करीब लाते हैं। UAE अब न केवल भारत का बड़ा ऊर्जा साझेदार है, बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्थिरता में भी एक अहम सहयोगी बनकर उभरा है।
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